
एएनआई, नई दिल्ली। MEA Press Conference: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने पाकिस्तान में आतंकवादियों के मारे जाने पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जो लोग भारत में आपराधिक और आतंकवादी गतिविधियों के लिए भारत आकर न्याय का सामना करना चाहिए। उन्होंने पाकिस्तान में हो रहे घटनाक्रम पर टिप्पणी करने साफ मना कर दिया। दरअसल, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के आतंकवादी हंजला अदनान को अज्ञात बंदूकधारियों ने मार गिराया था।
लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के आतंकवादी हंजला अदनान को 2 और 3 दिसंबर की दरमियानी रात को कराची स्थित घर के बाहर गोली मार दी थी। हंजला अदनान 2015 में जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) के काफिले पर हमले का मास्टरमाइंड था।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि जो लोग भारत में आपराधिक और आतंकवादी गतिविधियों के लिए न्याय का सामना करना चाहते हैं, हम चाहेंगे कि वे भारत आएं और हमारी कानूनी प्रणाली का सामना करें। मैं पाकिस्तान में हो रहे घटनाक्रम पर टिप्पणी नहीं कर सकता।
एसएफजे प्रमुख पन्नू की संसद पर हमले की धमकी पर अरिंदम बागची ने कहा कि हम धमकियों को गंभीरता से लेते हैं। हम यहां एक बंधन में फंस गए हैं। मैं उन चरमपंथियों की खोज के लिए बहुत अधिक विश्वसनीयता नहीं बढ़ाना चाहता, जो धमकियां देते हैं और कवरेज हासिल करते हैं। हमने इस मामले को अमेरिका और कनाडाई अधिकारियों के साथ उठाया है। चरमपंथियों और आतंकवादियों की प्रवृत्ति होती है कि वे किसी मुद्दे पर मीडिया कवरेज चाहते हैं।