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मदद करने पर केंद्र सरकार देगी इनाम, सड़क हादसे में जान बचाने वाले 'राहवीर' को अब मिलेंगे ₹25 हजार

अक्सर सड़क हादसे के बाद मौजूद लोग घायल की मदद करने से कतराते हैं। पुलिस जांच, कानूनी प्रक्रिया और कोर्ट-कचहरी की आशंका उन्हें पीछे हटा देती है। इस मान...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Fri, 19 Dec 2025 03:21:55 PM (IST)Updated Date: Fri, 19 Dec 2025 03:21:55 PM (IST)
मदद करने पर केंद्र सरकार देगी इनाम, सड़क हादसे में जान बचाने वाले 'राहवीर' को अब मिलेंगे ₹25 हजार
मदद करने पर केंद्र सरकार ने देगी इनाम।

HighLights

  1. सड़क हादसे में मदद करने पर अब ₹25,000 इनाम
  2. मदद करने वालों को पूरी कानूनी सुरक्षा भी दी जाएगी
  3. समय पर सहायता से हर साल बच सकती है 50,000 जानें

डिजिटल डेस्क। देश में सड़क हादसे लगातार एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं। हर साल लाखों लोग इन दुर्घटनाओं में घायल होते हैं और बड़ी संख्या में जान गंवाते हैं। इसी पृष्ठभूमि में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में एक महत्वपूर्ण पहल का जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि सरकार सड़क हादसों में घायल लोगों की समय पर मदद करने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘राहवीर’ योजना चला रही है, जिसका मकसद जान बचाने के साथ-साथ समाज में मानवीय जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है।

हर साल जा रही हैं लाखों जिंदगियां

नितिन गडकरी के मुताबिक, भारत में हर साल करीब 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इनमें 1.5 से 1.8 लाख लोगों की मौत हो जाती है। सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि मरने वालों में करीब 66 प्रतिशत युवा 18 से 34 वर्ष की उम्र के होते हैं। दिल्ली स्थित एम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगर हादसे के तुरंत बाद पीड़ित को समय पर इलाज मिल जाए, तो हर साल लगभग 50 हजार लोगों की जान बचाई जा सकती है। इससे साफ है कि दुर्घटना के बाद के शुरुआती पल सबसे निर्णायक होते हैं।


डर की वजह से नहीं मिल पाती मदद

अक्सर सड़क हादसे के बाद मौजूद लोग घायल की मदद करने से कतराते हैं। पुलिस जांच, कानूनी प्रक्रिया और कोर्ट-कचहरी की आशंका उन्हें पीछे हटा देती है। इस मानसिकता को बदलने के लिए सरकार ने भरोसा दिलाया है कि मदद करने वाले किसी भी तरह की कानूनी परेशानी में नहीं फंसेंगे। यही सोच ‘राहवीर’ योजना की आधारशिला है।

मददगारों को मिलेगा सम्मान और पुरस्कार

  • राहवीर योजना के तहत जो व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल को अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुंचाकर उसकी जान बचाने में भूमिका निभाएगा, उसे 25 हजार रुपये का नकद इनाम, ‘राहवीर’ की उपाधि और सरकारी प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।
  • पहले यह राशि 5 हजार रुपये थी, जिसे 2025 में बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया है। एक व्यक्ति साल में अधिकतम पांच बार इस पुरस्कार के लिए पात्र हो सकता है।
  • इसके अलावा, सरकार ने यह भी व्यवस्था की है कि अस्पतालों को पीड़ित के पहले सात दिनों के इलाज का खर्च तुरंत प्रतिपूर्ति के रूप में दिया जाएगा, ताकि इलाज में कोई देरी न हो।

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हादसे कम करने पर भी फोकस

सरकार सिर्फ दुर्घटना के बाद की मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि हादसे रोकने के लिए भी कई कदम उठा रही है। जिला स्तर पर दुर्घटना रोकथाम समितियां बनाई गई हैं, जिनकी अध्यक्षता कलेक्टर करते हैं। ये समितियां हर दो महीने में बैठक कर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों यानी ब्लैक स्पॉट्स की पहचान और सुधार करती हैं। अब तक करीब 7 हजार ब्लैक स्पॉट्स को ठीक किया जा चुका है, जिसके लिए 40 हजार करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

इसके साथ ही सड़क इंजीनियरिंग में सुधार, डीपीआर की खामियां दूर करने, वाहनों में छह एयरबैग अनिवार्य करने और स्कूटर खरीदने पर दो हेलमेट मुफ्त देने जैसे कदम भी उठाए गए हैं। सरकार का साफ संदेश है कि सड़क सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें हर नागरिक की भूमिका अहम है।