
डिजिटल डेस्क। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को सदन में महिला आरक्षण विधेयक और आगामी परिसीमन (Delimitation) प्रस्तावों पर चर्चा के दौरान केंद्र सरकार को जमकर आड़े हाथों लिया। राहुल गांधी ने इस विधेयक को 'पैनिक रिएक्शन' (घबराहट में उठाया गया कदम) करार देते हुए आरोप लगाया कि इसका वास्तविक उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना नहीं, बल्कि भारत के चुनावी संतुलन को भाजपा के पक्ष में मोड़ना है।
राहुल गांधी ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार भली-भांति जानती है कि यह बिल मौजूदा स्वरूप में पास नहीं होगा। उन्होंने केंद्र पर कटाक्ष करते हुए कहा, "बीजेपी बेवकूफ नहीं है। उन्हें पता था कि तकनीकी बाधाओं के कारण यह बिल अभी पास नहीं हो सकता, लेकिन फिर भी वे इसे लाए। यह प्रधानमंत्री का एक 'पैनिक रिएक्शन' था ताकि वे दो संदेश दे सकें- पहला कि वे महिलाओं के पक्ष में हैं और दूसरा कि वे भारत का चुनावी नक्शा बदलना चाहते हैं।"
राहुल गांधी ने तर्क दिया कि यह बिल महिलाओं के प्रतिनिधित्व के बारे में कम और 'पॉलिटिकल इंजीनियरिंग' के बारे में ज्यादा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण को एक 'कवर' की तरह इस्तेमाल कर रही है ताकि इसके पीछे छिपकर परिसीमन के जरिए निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्गठन किया जा सके।
उन्होंने कहा, "इस कानून का मकसद महिलाओं को मजबूत बनाने के बजाय भारत का चुनावी बैलेंस बदलना है। जैसा उन्होंने असम और जम्मू-कश्मीर में किया, अब वे वही प्रयोग पूरे भारत में करना चाहते हैं ताकि सत्तारूढ़ दल को फायदा हो।"
विपक्ष के नेता ने जाति जनगणना के मुद्दे को महिला आरक्षण से जोड़ते हुए केंद्र को घेरा। उन्होंने कहा कि यह बिल ऐतिहासिक रूप से पिछड़े दलित और ओबीसी समुदायों के राजनीतिक प्रभाव को कम करने के लिए लाया गया है।
राहुल गांधी ने कहा, "सच्चाई यह है कि भारतीय समाज ने दलितों, ओबीसी और उनकी महिलाओं के साथ हमेशा से भेदभाव किया है। अब सरकार जाति जनगणना को बाईपास करने की कोशिश कर रही है। वे मेरे ओबीसी भाइयों और बहनों को सत्ता और प्रतिनिधित्व देने से बच रहे हैं और उनसे उनकी राजनीतिक ताकत छीनने की कोशिश कर रहे हैं।"
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राहुल गांधी ने साफ शब्दों में कहा कि पूरा विपक्ष सरकार के इस कदम का डटकर विरोध करेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी के फायदे के लिए देश की लोकतांत्रिक और संवैधानिक संरचना को बदलने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि वे देश की राजनीति में अपनी कम होती ताकत से डरे हुए हैं और इसी डर के कारण वे 'संवैधानिक संशोधन' की आड़ में चुनावी मैप बदलना चाहते हैं।