चेन्‍नई। तमिलनाडु में जल्लीकट्टू को लेकर जारी प्रदर्शन अब और तेज हो गया है और चेन्‍नई से बाहर निकलकर देश के कई प्रदेशों में पहुंच गया है। गुजरात के अलावा मुंबई में भी इसके समर्थन में लोग सड़कों पर उतर आए हैं।

वहीं अध्‍यादेश को लेकर चेन्‍नई से लेकर दिल्‍ली तक हलचल मची हुई है। राज्‍य के नेता गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलने पहुंचे। मुलाकात के बाद उन्‍होंने बताया कि गृहमंत्री ने एक या दो दिनों में पूरी बात को क्‍लीयर करने का आश्‍वासन दिया है जिसके बाद अध्‍यादेश आ जाएगा।

केंद्रीय मंत्री अनिल दवे ने कहा कि गृहमंत्री ने तमिलनाडु सरकार के प्रस्ताव पर विचार करने को स्वीकार कर लिया है। कम से कम समय में इस मुद्दे को हल करने की कोशिश की जाएगी। इस मुद्दे पर जो भी होगा वो जल्द ही आप लोगों के सामने आएगा। आज शाम या कल तक हम नतीजे तक पहुंच जाएंगे।

सीएम पन्‍नेरीसेल्‍वम ने बैठक से पहले मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमें उम्मीद है कि शाम तक अध्यादेश को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेज दिया जाएगा। हम इस बात की भी उम्मीद करते है कि परसों तक इस अध्यादेश की अधिसूचना भी जारी हो जाएगी। यह पूछने पर कि क्या वह जल्लीकट्टू खेल के आयोजन का शुभारंभ करेंगे, पनीरसेल्वम ने कहा, 'आप की इच्छा पूरी होगी।'

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से की अपील

इसके अलावा केंद्र सरकार के मंत्री भी इस समस्‍या को सुलझाने में लगे और और सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि वो इस खेल को लेकर अपने फैसले को एक हफ्ते के लिए और टाल दे जिसे अदालत ने मान लिया है। अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने इसकी जानकारी देते हुए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट से सरकार ने आग्रह किया कि जल्लीकट्टू पर एक हफ्ते तक कोई फैसला न जारी किया क्योंकि मामला अभी काफी गर्म है, जिसपर सुप्रीम कोर्ट राजी हो गया

एक-दो दिन में आयोजित होगा जल्‍लीकट्टू: पन्‍नेरीसेल्‍वम

इससे पहले राज्‍य के मुख्‍यमंत्री ओ पन्‍नेरीसेल्‍वम ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि हमने संविधान के जानकारों से बातचीत की है कि किस तरह राज्‍य सरकार जल्लीकट्टू पर कानून में संशोधन कर सकती है। हम प्रदर्शनकारियों से अपील करते हैं वो अपना विरोध वापस लें। हमने केंद्रीय गृह मंत्रालय को अध्‍यादेश भेज दिया है और मुझे यकीन है कि अगले एक-दो दिनों में इसे मंजूरी मिल जाएगी जिसके बाद जल्लीकट्टू का आयोजन संभव हो सकेगा।

उन्‍होंने आगे कहा कि अध्‍यादेश को केंद्र सरकार के सामने ले जाने और उसे लागू करने में सहयोग के लिए हमने वरिष्‍ठ अधिकारियों को नियुक्‍त किया है। इस बात की पूरी संभावना है कि जल्लीकट्टू अगले एक या दो दिनों में आयोजित हो सकेगा इसलिए हम अपील करते हैं कि अपना प्रदर्शन वापस लें।

बता दें कि इससे पहले मुख्‍यमंत्री पन्‍नेरीसेल्‍वम गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले थे जिसके बाद पीएम ने जल्लीकट्टू को लेकर राज्‍य सरकार द्वारा उठाए जाने वाले कदम को समर्थन का आश्‍वासन दिया था।

प्रदर्शन को मिल रहा एआर रहमान जैसे सितारों का साथ

वहीं दूसरी तरफ चेन्‍नई के मरीना बीच पर चल रहे प्रदर्शन को अब बड़े-बड़े सितारों का साथ मिलने लगा है। जानकारी के अनुसार संगीतकार एआर रहमान और सुपरस्‍टार रजनीकांत भी इसके समर्थन में आ गए हैं और मरीना बीच जा सकते हैं। नादिगर संगम के साउथ इंडियन आर्टिस्‍ट असोसिएशन, भी जलीकट्टू के समर्थन में आगे आए हैं। सदगुरु जग्‍गी वासुदेव ने जलीकट्टू के समर्थन में बोला कि यह सांड़ों की लड़ाई नहीं है बल्‍कि उनका मनोरंजन है। यह देखने पर ही आपको पता चलेगा की इन जानवरों को भी खेलना कितना पसंद है।

डीएमके भी मैदान में

जलीकट्टू के समर्थन में तमिलनाडु में शुक्रवार को व्‍यापक रूप से प्रदर्शन किया जा रहा है। राज्‍य के तमाम स्‍कूलों और दुकानों को भी आज बंद रखा गया है। द्रमुक पार्टी की ओर से तमाम रेलवे स्‍टेशनों पर रेल रोको अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा दिल्‍ली के जंतर-मंतर पर भी जलीकट्टूू के समर्थन में प्रदर्शन किया जा रहा है।

कोयंबटूर में लोगों ने जलीकट्टू के समर्थन में धरना का आह्वान किया है। वहीं रामेश्‍वरम में सभी दुकानें बंद हैं और चेन्‍नई के मरीना बीच पर तो सैंकड़ों लोगों की भीड़ प्रदर्शन कर रही है।द्रमुक अध्‍यक्ष एमके स्‍टालिन के नेतृत्‍व में कार्यकर्ताओं ने ‘रेल रोको अभियान’ शुरू किया है। वहीं द्रमुक नेता व सांसद कनिमोझी चेन्‍नई के एगमोर रेलवे स्‍टेशन पर रेल रोको अभियान में शामिल हो रही हैं। मांबलम में जलीकट्टू के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे द्रमुक कार्यकर्ताओं ने रेलवे स्‍टेशन पर जाने के लिए बैरिकेडिंग तक तोड़ दिया।