कोलकाता, ब्‍यूरो। करोड़ों रुपये के सारधा चिटफंड घोटाले की जांच में पार्टी नेताओं व सांसदों से पूछताछ और कुछ की गिरफ्तारी से बौखलाई तृणमूल कांग्रेस सीबीआई के खिलाफ सड़क पर उतर आई है। पश्चिम बंगाल की कानून मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य के नेतृत्व में पार्टी की महिला शाखा ने भाजपा के साथ मिलकर प्रदेश सरकार को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए गुरुवार को प्रदर्शन किया। धरना-प्रदर्शन को देखते हुए साल्टलेक के सीजीओ कांप्लेक्स स्थित सीबीआई दफ्तर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। इसके चलते सीबीआई ने तृणमूल सांसद सृंजय बोस व नेता समीर चक्रवर्ती से पूछताछ फिलहाल टाल दी है।

कानून मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि सीबीआई केंद्र की मोदी सरकार के प्रभाव में राजनीति से प्रेरित होकर जांच की दिशा बदलने का प्रयास कर रही है। साथ ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व पार्टी की छवि खराब करने की कोशिश में है। हालांकि सीबीआई के खिलाफ धरने को लेकर विरोधी दलों ने तृणमूल की आलोचना की है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व बंगाल के प्रभारी सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि एक के बाद एक तृणमूल नेताओं से सीबीआई पूछताछ से पार्टी बौखला गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर चौधरी ने कहा कि कानून मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ममता बनर्जी के बचाव में सड़क पर उतरी हैं।

सारधा पीड़ितों ने भी तेज किया आंदोलन

सारधा की ठगी के शिकार निवेशकों व एजेंटों के संगठन ने भी आंदोलन तेज कर दिया है। संगठन के नेताओं ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ नारे लगाए।

मदन व मुकुल को हटा सकती है तृणमूल

करोड़ों रुपये के सारधा चिटफंड घोटाले में अपने नेताओ का नाम आने से परेशान तृणमूल कांग्रेस जल्द ही कड़ा कदम उठा सकती है। मुख्यमंत्री को लगता है कि सीबीआई का अगला निशाना तृणमूल के सेकेंड-इन-कमान व राष्ट्रीय महासचिव मुकुल राय और परिवहन व खेलमंत्री मदन मित्रा हो सकते हैं। लिहाजा पार्टी प्रमुख इन दोनों को पद से हटा सकती हैं। उनकी जगह अपने विश्वस्त फिरहाद हकीम व अरूप विश्वास को पद सौंप सकती हैं। सीबीआई मुकुल व मदन से पूर्व में पूछताछ भी कर चुकी है।

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