
मल्टीमीडिया डेस्क। आजकल के बदलते लाइफस्टाइल और खान-पान के कारण लोग कई तरह की बीमारियों के शिकार होते जा रहे हैं। आज के समय में किसी के भी पास इतना समय नहीं हैं कि वह एक्सरसाइज करके शरीर को मजबूत बनाए रख सके। एक्सरसाइज तो दूर की बात है, कई लोगों के पास तो इतना भी समय नहीं होता कि वे टहल सकें।
लिहाजा, नसों में तनाव के कारण वेरीकोज वेन की नई बीमारी अधिक से अधिक लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रही है। हालांकि, यह कोई खतरनाक बीमारी नहीं हैं। मगर, समय रहते इसका ईलाज नहीं कराया गया, तो यह आगे चलकर एक खतरनाक बीमारी का रूप ले सकती है।
दरअसल, जब आप लगातार कई घंटों तक एक ही जगह पर खड़े रहते हैं, तो नसों में दबाव पड़ता हैं, जिसके कारण रक्त संचार रुकने लगती हैं। इसलिए एक ही जगह पर लगातार खड़े न रहें, बल्कि थोड़ा इधर-उधर टहल लिया करें।
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अक्सर ऑफिस में लोग एक ही जगह बैठकर घंटों काम किया करते हैं, जिसकी वजह से नसों में खून का संचार सही तरीके से न होकर रुकने लगता है। इस कारण भी वेरीकोज वेंस की परेशानी हो जाती है।
इसके अलावा कई लोगों को भोजन में ज्यादा नमक खाने की आदत होती हैं। अगर आप भी ज्यादा नमक खाते हैं, तो आज ही इस आदत को सुधार लें क्योंकि नमक के ज्यादा सेवन से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है, जिसे कंट्रोल करने के लिए नसों को फैलाना पड़ता हैं। इसके कारण भी नसें फूलकर बाहर आ जाती हैं।
ये लक्षण दिख सकते हैं
गहरे बैंगनी या नीले रंग की नसों का दिखना
नसों मुड़ी हुई और उनमें उभार दिखना।
पैरों में खिंचाव या भारीपन लगना।
नसों में फड़फडाहट, मांसपेशियों में ऐंठन या जलन व पैर नीते की ओर सूजन।
लंबे समय के लिए खड़े होने के बाद या बैठे रहने पर दर्द का तेज होना।
एक या अधिक नसों के आसपास खुजली होना।
टखने के पास की त्वचा पर अल्सर होना।
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उपचार
इसके उपचार में आमतौर पर अस्पताल में रहने की जरूरत नहीं होती। इसका इलाज सामान्य ओपीडी में किया जा सकता है। वहीं, आप खुद भी देखभाल जैसे एक्सरसाइज, वजन नियंत्रित रखना, तंग कपड़े न पहनने तथा देर तक खड़े रहने से बचकर इस बीमारी से खुद को बचा सकते हैं।