
श्रीनगर। कश्मीर घाटी में दो महीने से जारी हिंसा में शनिवार को सुरक्षा बलों से संघर्ष में दो और युवाओं की मौत हो गई। अब तक मरने वालों की संख्या 75 तक पहुंच गई है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि धारा 144 के तहत लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर टूकरू में पथराव कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े। एक गोला सयार अहमद शेख के सिर में लगी।
उसे तत्काल ही राजपोरा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।दूसरी घटना अनंतनाग जिले के बोटेनगू में हुई, जहां प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई में यावर भट मारा गया। झड़प के दौरान वह पैलेट लगने से जख्मी हुआ था। इन दोनों ही घटनाओं में कई लोग घायल भी हुए।
बड़गाम जिले समेत अन्य जगहों से भी झड़पों की रिपोर्टें हैं, जिनमें कम से कम एक दर्जन लोग घायल हुए हैं। पूरी घाटी में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।सीआरपीएफ कैंप पर हमलादूसरी ओर, संदिग्ध आतंकियों ने शुक्रवार देर रात पुलवामा जिले में सीआरपीएफ के एक कैंप पर हमला किया।
हालांकि घटना में कोई हताहत या नुकसान नहीं हुआ।एक पुलिस अधिकारी ने शनिवार को बताया कि आतंकियों के एक दल ने तहाब इलाके में सीआरपीएफ कैंप पर फायरिंग की। सीआरपीएफ की जवाबी कार्रवाई के बाद आतंकी भाग गए। जिले में पिछले चार दिनों में सुरक्षा बलों पर यह दूसरा हमला था। आतंकियों ने 7 सितंबर को पुलवामा पुलिस स्टेशन पर फायरिंग की थी।
अलगाववादियों को "रोडमैप"रखना चाहिए था : महबूबा
जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि अलगाववादियों को सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल के सामने कश्मीर समस्या के समाधान के लिए लागू किए जा सकने वाले रोडमैप पेश करना चाहिए था, न कि उससे मिलने से इनकार करना था। इसके साथ ही उम्मीद जताई है कि केंद्र कश्मीर समस्या के समाधान के लिए समावेशी सांस्थानिक तंत्र की पहल करेगा और अलगाववादी सकारात्मक प्रतिसाद देंगे।
यहां शुक्रवार को आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि बातचीत से दूर रहने से संदेश गया है कि अलगाववादी कश्मीर के लोगों की परेशानियों को खत्म करने के लिए शांति पूर्ण समाधान के इच्छुक नहीं हैं।मालूम हो कि सांसदों का सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल जम्मू-कश्मीर में शांति बहाली के प्रयासों के तहत 4-5 सितंबर को राज्य के दौरे पर गया था। लेकिन अलगाववादियों ने उनसे मिलने से मना कर दिया था।