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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 24, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शांतिसैनिकों को करना पड़ सकता है यौन उत्‍पीड़न का आरोप का सामना

भारतीय शांति सैनिकों पर वर्ष 2010 से 2013 के बीच यौन उत्‍पीड़न के तीन मामलों पर आरोपों का सामना करना पड़ सकता है।

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Publish Date: Wed, 24 Jun 2015 12:29:20 PM (IST)Updated Date: Wed, 24 Jun 2015 12:37:35 PM (IST)
शांतिसैनिकों को करना पड़ सकता है यौन उत्‍पीड़न का आरोप का सामना

नई दिल्‍ली। भारतीय शांति सैनिकों पर वर्ष 2010 से 2013 के बीच यौन उत्‍पीड़न के तीन मामलों पर आरोपों का सामना करना पड़ सकता है। यह खुलासा हाल ही में संयुक्‍त राष्‍ट्र की रिपोर्ट में हुआ था। यूएन मिशन में तीसरा सबसे बड़ा आकस्मि योगदान देने वाली भारतीय सेना के लिए यह शर्मनाक स्थिति है।

इन आरोपों से डेमोक्रेटिक रिपब्‍िलक ऑफ कांगों में वर्ष 2008 में हुए कैश फॉर सेक्‍स स्‍कैंडल की यादें ताजा कर दीं, जिसमें भारतीय जवान शामिल थे। इसकी जांच में पाया गया था यूएन कोड ऑफ कंडक्‍ट का उल्‍लंघन करते हुए कि कम से कम 10 सैनिकों ने वेश्‍याओं के साथ यौन संबंध बनाए थे। यह भी आरोप थे कि कुछ जवान वहां बच्‍चों के पिता बने थे।


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एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि विदेशी भूमि में भारतीय सेना का नाम खराब करने वाले सैनिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्‍होंने बताया कि सेना ऐसे मामलों से निपटने के लिए निगरानी के लिए कड़े नियमों को और अनुशासन को लागू करेगी।

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यूएन में एक लाख 25 सैनिक, पुलिस और नागरिक दुनियाभर में 16 अभियानों में शामिल हैं, ताकि वहां हिंसा पर काबू पाते हुए शांति स्‍थापित की जा सके। इनमें से 75 हजार भारतीय सैनिक नौ अभियानों में कांगो, दक्षिणी सूडरन और लेबनान में काम कर रहे हैं। यूएन ने वर्ष 2003 में शांतिसैनिकों द्वारा ट्रांसएक्‍शनल सेक्‍स पर प्रतिबंध लगा दिया था क्‍योंकि इससे यूएन की साख कम हो जाती।