• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • देश

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 26, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कोरोना को मात देने की ओर बढ़ रहा Uttar Pradesh, एक दिन में 2500 केस घटे, 25 हजार से ज्यादा मरीज स्वस्थ्य हुए

Uttar Pradesh: सरकार का दावा है कि इस दौरान प्रदेश में कोरोना को मात देने वालों का आंकड़ा भी बढ़ा है।

By Arvind DubeyEdited By: Arvind Dubey
Publish Date: Mon, 26 Apr 2021 11:15:03 AM (IST)Updated Date: Mon, 26 Apr 2021 12:15:25 PM (IST)
कोरोना को मात देने की ओर बढ़ रहा Uttar Pradesh, एक दिन में 2500 केस घटे, 25 हजार से ज्यादा मरीज स्वस्थ्य हुए

Uttar Pradesh: क्या उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बनने जा रहा है जहां कोरोना की दूसरी लहर को मात दी जाएगा। ताजा आंकड़े तो इस और इसी इशारा कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, बीते 24 घंटों में उत्तर प्रदेश में कोरोना के 35614 नए केस सामने आए हैं। यह आंकड़ा एक दिन पहले आए मरीजों से करीब 2500 कम है। सरकार का दावा है कि इस दौरान 25,633 मरीज ठीक हुए हैं। यानी प्रदेश में कोरोना को मात देने वालों का आंकड़ा भी बढ़ा है। 24 घंटे में यूपी में 2 लाख 30 हजार टेस्ट किए गए, जो अब तक का सबसे आंकड़ा है। इसमें 1 लाख 7 हजार से ज्यादा लोगों का RT-PCR टेस्ट हुआ है।

इस बीच, उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तय कर दिया है कि कोविड कमांड सेंटर से यदि सरकारी अस्पताल का बेड आवंटित न हो सके तो मरीज को निजी अस्पताल भेजा जाए। उसका खर्च राज्य सरकार ही देगी। इसी तरह निजी अस्पतालों में गरीबों का इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत कराया जाएगा। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि कहीं भी कोई मरीज इलाज के अभाव में तड़पा तो संबंधित जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी जवाबदेह होंगे। मुख्यमंत्री ने एक वर्चुअल बैठक में कहा कि प्रदेश में एक भी मरीज को बेड का अभाव नहीं होगा। सभी जिलों में इस संबंध में आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। अगर सरकारी अस्पताल में बेड खाली नहीं हैं तो निजी अस्पताल में इलाज की सुविधा मिले। सरकार नियमानुसार उसका भुगतान करेगी। यह व्यवस्था उन मरीजों के लिए होगी, जिन्हें कोविड कमांड सेंटर से निजी अस्पताल भेजा जाएगा। इसके अलावा निजी अस्पताल में इलाज करा रहे मरीज गरीब हैं तो आयुष्मान भारत योजना के तहत सरकार उनका खर्च उठाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोई भी अस्पताल किसी भी कोविड मरीज के इलाज के लिए इन्कार नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि सरकार के किसी भी डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी नहीं है।


निःशुल्क होगा मृतकों का अंतिम संस्कार

कोविड संक्रमण से होने वाली हर मृत्यु को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए योगी ने प्रत्येक जिले में किसी मरीज के अंतिम संस्कार के लिए कोई शुल्क न लिए जाने का निर्देश दिया है। अंतिम संस्कार की क्रिया मृतक की धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप होगी। प्रशासन सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित कराएगा। साथ ही स्वयं सहायता समूहों की मदद से मास्क बनवाकर गरीब परिवारों को निःशुल्क मास्क वितरण का निर्देश भी सीएम ने दिया है।

सरकार ने दिया एक करोड़ टीकों का आर्डर

मुख्यमंत्री ने एक मई से शुरू हो रहे कोरोना टीकाकरण के तीसरे चरण की सभी व्यवस्थाएं कर लेने पर जोर दिया। कहा कि अठारह वर्ष से अधिक उम्र वालों का टीकाकरण कराया जाना है। इसका खर्च सरकार उठाएगी। इसके लिए दोनों स्वदेशी वैक्सीन निर्माता कंपनियों को पचास-पचास लाख, कुल एक करोड़ डोज का आर्डर दे दिया गया है।

आरटीपीसीआर का इंतजार नहीं, एंटीजन की रिपोर्ट पर करें भर्ती : योगी

कोरोना मरीजों की व्यावहारिक परेशानी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि आरटीपीसीआर जांच का इंतजार न करें। मरीज की एंटीजन रिपोर्ट पॉजिटिव पाए जाने या लक्षण मिलने पर जरूरत के अनुसार अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया जाए। साथ ही पुलिस-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया है कि जनता को सही जानकारी देने के लिए अधिकारी खुद अपना फोन रिसीव करें और अधीनस्थों से भी कह दें। उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे लोगों को मेडिकल किट जरूर उपलब्ध कराया जाए।