
नैनीताल। कांग्रेस के नौ बागी विधायकों की सदस्यता समाप्त करने के स्पीकर के फैसले के खिलाफ दाखिल याचिका को न्यायाधीश न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकलपीठ ने खारिज कर दिया। इसके बाद अब यह विधायक शक्ति परीक्षण के दौरान मतदान नहीं कर पाएंगे।
याचिका खारिज होने के बाद यह सभी विधायक सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं और फैसले के खिलाफ अपील कर दी है। इसके बाद दोपहर 2 बजे जस्टिस दीपक मिश्रा की पीठ इसकी सुनवाई करेगी।
गौरतलब है कि विधानसभा के बजट सत्र के दौरान 18 मार्च को विनियोग विधेयक के खिलाफ कांग्रेस के नौ विधायक बगावत कर भाजपा खेमे के साथ खड़े हो गए। उन्होंने स्पीकर से विनियोग विधेयक पर मत विभाजन की मांग की थी। उसी रात को वे भाजपा विधायकों के साथ राज्यपाल से भी मिले। वहीं उनके साथ चार्टेड विमान से दिल्ली को रवाना हुए। इस पर कांग्रेस की याचिका पर स्पीकर ने 27 मार्च को इन नौ बागी विधायकों की सदस्यता रद कर दी।
कांग्रेस के बागी विधायक सुबोध उनियाल, कुंवर प्रणव चैंपियन, विजय बहुगुणा, डॉ. हरक सिंह रावत, शैलारानी रावत, डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल, अमृता रावत, प्रदीप बत्रा, उमेश शर्मा काऊ ने हाई कोर्ट में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर कर स्पीकर द्वारा सदस्यता समाप्त किए जाने के फैसले को चुनौती दी थी।