
माधव पाण्डेय, महराजगंज। टीकाकरण के बाद भी बच्चे इंसेफ्लाइटिस से सुरक्षित नहीं हैं। टीका लगाने के बावजूद इस बीमारी से एक बच्चे की मौत हो चुकी है जबकि दो जीवन और मौत से जूझ रहे हैं। चार वर्षीय मो. अली को बुखार के बाद 22 जुलाई को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। 27 जुलाई को उसकी मौत हो गई।
14 वर्षीय दुर्गेश व तीन वर्षीय प्रमिला को आठ अगस्त को मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया था। दोनों की जांच में इंसेफ्लाइटिस की पुष्टि हुई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तीनों को लेकर सत्यापन किया तो टीके लगवाने की पुष्टि हुई। उत्तर प्रदेश में महराजगंज के सीएमओ डॉ. जीतेंद्र कुमार माहेश्वरी ने बताया कि जिन बच्चों में प्रतिरोधक क्षमता कम होती है उनमें टीके लगने के बाद भी बीमारी की चपेट में आने की संभावना बनी रहती है।
दो दिन में सत्रह की मौत
उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल व आसपास के क्षेत्रों में इंसेफ्लाइटिस की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पिछले दो दिनों में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 53 नए मरीज भर्ती किए गए जबकि 17 अन्य की मौत हो गई। नेहरू अस्पताल में 223 मरीजों का इलाज चल रहा है। इस साल अब तक मेडिकल कॉलेज में 1183 मरीज भर्ती हुए हैं जिनमें से 338 की मौत हुई है। जिला अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों को मिलाकर अब तक 1652 मरीज भर्ती हुए, जिनमें से 362 की मौत हो चुकी है।