यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 17, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
तमिलनाडु में BJP के एकमात्र सांसद थे सीपी राधाकृष्णन, ऐसे बने NDA के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार
एनडीए ने सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है। फिलहाल वे महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं और इससे पहले झारखंड के राज्यपाल रहे। तमिलनाडु ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 17 Aug 2025 08:10:00 PM (IST)Updated Date: Tue, 09 Sep 2025 08:26:08 AM (IST)
सीपी राधाकृष्णन होंगे NDA के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार।HighLights
- एनडीए ने सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति उम्मीदवार बनाया।
- वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल, पहले झारखंड संभाला।
- तमिलनाडु से दो बार कोयंबटूर लोकसभा सांसद रहे।
डिजिटल डेस्क, दिल्ली। NDA ने अपने उपराष्ट्रपति उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन को बनाया है। आज 9 सितंबर की शाम को यह फैसला हो जाएगा कि कौन देश का अगला उपराष्ट्रपति बनेगा। तमिलनाडु में भाजपा के एकमात्र लोकसभा सांसद रहे सीपी राधाकृष्णन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में प्रचारक के रूप में कार्य कर चुके हैं। पीएम मोदी उनको अपना खास दोस्त बताते हैं।
महाराष्ट्र के राज्यपाल है सीपी राधाकृष्णन
पीएम मोदी की अगुवाई में इस बैठक के दौरान यह नाम फाइनल किया गया है। जानकारी हो कि सीपी राधाकृष्णन फिलहाल महाराष्ट्र के राज्यपाल है। इससे पहले वह झारखंड के राज्यपाल थे। मूल रुप के तमिलनाडु के रहने वाले सीपी राधाकृष्णन को संसदीय दल की बैठक के बाद सर्वसम्मति के एनडीए का उम्मीदवार चुना गया है।
सीपी राधाकृष्णन का राजनीतिक सफर
- सीपी राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुप्पर में हुआ था। उन्होंने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। बचपन से ही वे RSS से जुड़े थे और 1974 में जनसंघ की राज्य कार्यकारिणी समिति के सदस्य बने।
- साल 1996 में वे भाजपा तमिलनाडु के सचिव बने और 1998 में पहली बार कोयंबटूर से लोकसभा सांसद चुने गए। 1999 में उन्हें दोबारा जीत मिली। सांसद रहते हुए उन्होंने कपड़ा उद्योग संबंधी संसदीय समिति की अध्यक्षता की और महत्वपूर्ण समितियों के सदस्य भी रहे।
कब बनाए गए राज्यपाल?
- 18 फरवरी 2023 को उन्हें झारखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया। यहां उन्होंने सिर्फ चार महीने में सभी 24 जिलों का दौरा कर लोगों और अधिकारियों से मुलाकात की। 31 जुलाई 2024 को वे महाराष्ट्र के राज्यपाल बने।
- 2004 में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया और पहली संसदीय टीम के साथ ताइवान का दौरा किया। उन्होंने अमेरिका, यूरोप और एशिया के कई देशों की यात्राएं भी की।