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पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी ने की हाईलेवल मीटिंग, पेट्रोल, गैस की किल्लत रोकने का बनाया ब्लू प्रिंट

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने वरिष्ठ कैबिनेट सहयोगियों और शीर्ष अधिकारियों के साथ एक आपातकालीन उच्चस्तरीय बैठक की। पीएम मोदी ने इस महा-मंथन में स...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sun, 22 Mar 2026 03:25:34 PM (IST)Updated Date: Sun, 22 Mar 2026 11:00:39 PM (IST)
पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी ने की हाईलेवल मीटिंग, पेट्रोल, गैस की किल्लत रोकने का बनाया ब्लू प्रिंट
पीएम मोदी ने की आपातकालीन बैठक। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. पेट्रोलियम और गैस पर पीएम मोदी की पैनी नजर
  2. विदेशी युद्ध का असर भारतीय बाजार पर न पड़े
  3. शाह और जयशंकर समेत कई मंत्री रहे मौजूद

डिजिटल डेस्क। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच गहराते युद्ध और उससे उपजे वैश्विक संकट को देखते हुए भारत सरकार पूरी तरह 'अलर्ट मोड' में आ गई है। रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने वरिष्ठ कैबिनेट सहयोगियों और शीर्ष अधिकारियों के साथ एक आपातकालीन उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक का मुख्य एजेंडा युद्ध के कारण भारत की आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain), ऊर्जा सुरक्षा और घरेलू बाजार पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को रोकना था।

आपूर्ति तंत्र को 'शॉक-प्रूफ' बनाने की तैयारी

प्रधानमंत्री ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि युद्ध चाहे कितना भी लंबा खिंचे, देश में पेट्रोलियम, गैस, खाद और जरूरी खाद्य वस्तुओं की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित मंत्रियों को 'सतत निगरानी' (Continuous Monitoring) के आदेश देते हुए कहा कि लॉजिस्टिक और वितरण प्रणाली को इतना मजबूत किया जाए कि वैश्विक उथल-पुथल का असर आम नागरिक की थाली या जेब पर न पड़े।


रणनीतिक मोर्चे पर भारत की सक्रियता

युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में पैदा हुए गतिरोध ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। सूत्रों के मुताबिक:

  • विदेश मंत्री एस. जयशंकर लगातार वैश्विक समकक्षों के संपर्क में हैं ताकि समुद्री व्यापार मार्ग खुला रहे।
  • प्रधानमंत्री मोदी स्वयं ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकिया से दो बार चर्चा कर चुके हैं ताकि तनाव को कम किया जा सके।
  • हालांकि सरकार ने संकट को काफी हद तक थामा है, लेकिन कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और एलपीजी आपूर्ति में आ रही बाधाओं ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है।

पूरी कैबिनेट के साथ मंथन

पीएम मोदी ने इस महा-मंथन में सरकार के लगभग हर महत्वपूर्ण विभाग को शामिल किया। बैठक में अमित शाह (गृह), राजनाथ सिंह (रक्षा), और एस. जयशंकर (विदेश) के साथ-साथ वित्त, कृषि, स्वास्थ्य और रेल मंत्रियों ने वर्तमान स्थिति का आकलन प्रस्तुत किया।

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विशेष रूप से पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से उन उत्पादों की विस्तृत रिपोर्ट ली गई जिनकी आपूर्ति युद्ध प्रभावित क्षेत्रों से होती है। सरकार अब इस संभावना पर भी काम कर रही है कि यदि युद्ध की अवधि और बढ़ती है, तो वैकल्पिक मार्गों और स्रोतों का इस्तेमाल कैसे किया जाए।