
डिजिटल डेस्क, इंदौर। लोकसभा चुनाव परिणामों के आने बाद आइएनडीआइए की बैठक में शिवेसना यूटीबी के मुखिया उद्धव ठाकरे के ना शामिल होने पर उनके एनडीए में शामिल होने की चर्चाएं शुरू हो गईं। उनकी तरफ से गुरुवार को यह साफ संदेश दिया गया कि वह एनडीए में शामिल नहीं होने वाले हैं। महाराष्ट्र एनसीपी (शरद पवार) के अध्यक्ष जयंत पाटिल ने कहा कि उद्धव ठाकरे आइएनडीआइए गठबंधन का अहम हिस्सा हैं। महाराष्ट्र में भाजपा के रथ को रोकने में उन्होंने बहुत बड़ी भूमिका अदा की है।
शिवसेना (यूबीटी) ने पार्टी की टूट के बाद पहला चुनाव लड़ा था। महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव के आए परिणाम में उद्धव ठाकरे की पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 9 लोकसभा सीटें जीतीं। वह महाराष्ट्र में सीटों के लिहाज से भाजपा के बराब है। जयंत पाटिल ने जानकारी दी कि महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया है। इस प्रदर्शन की बधाई देने के लिए उद्धव ठाकरे से मुलाकात की। महा विकास अघाड़ी ने 48 में से 30 सीटें जीती हैं।
4 जून को नतीजे आने के बाद 5 जून को आइएनडीआइए की बैठक हुई। उस बैठक में गठबंधन से जुड़ा हर दल पहुंचा था, लेकिन शिवेसना (यूबीटी) के मुखिया उद्धव ठाकरे ने इस बैठक में शामिल नहीं हुए। उनके बैठक में ना जाने पर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई थीं। इस बीच खबर यह भी आई कि वह भाजपा के संपर्क में हैं, लेकिन इन सभी खबरों को एनसीपी ने खारिज कर दिया। आइएनडीआइए की बैठक में उद्धव की जगह संजय राउत शामिल हुए थे।