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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Lok Sabha Election 2024: बगावत के बाद शरद पवार में कितना ‘पावर’, बारामती में परिवार के बीच ही वर्चस्व की लड़ाई

Lok Sabha Election 2024 शरद पवार का गढ़ माने वाले वाले बारामती क्षेत्र से इस बार बेटी सुप्रिया सुले एवं बहू सुनेत्रा पवार ( महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्...और पढ़ें

By Sandeep ChoureyEdited By: Sandeep Chourey
Publish Date: Sat, 02 Mar 2024 09:29:14 AM (IST)Updated Date: Sat, 02 Mar 2024 09:29:28 AM (IST)
Lok Sabha Election 2024: बगावत के बाद शरद पवार में कितना ‘पावर’, बारामती में परिवार के बीच ही वर्चस्व की लड़ाई
अजित पवार ने सियासत में अच्छी पारी खेली और अभी तक 5 बार राज्य के उपमुख्यमंत्री बन चुके हैं। वहीं शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले 3 बार बारामती संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुनाव जीत चुकी है।

HighLights

  1. अजित पवार की बगावत के बाद शरद पवार के परिवार की तीन पीढ़ियों के झगड़े को सामने आने लगे हैं।
  2. आखिर उन्होंने अपने चाचा शरद पवार के खिलाफ बगावत क्यों की थी।
  3. एक गुमनामी पत्र जारी हुआ है, जिसमें पवार परिवार की राजनीतिक इतिहास के बारे में विस्तार से बताया गया है।

ओमप्रकाश तिवारी, मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के संस्थापक शरद पवार ने खुद को महाराष्ट्र की सियासत में पहले कभी इतना कमजोर महसूस नहीं किया होगा, जितना वे इस बार महसूस कर रहे हैं। अजित पवार की बगावत के बाद शरद पवार के परिवार की तीन पीढ़ियों के झगड़े को सामने आने लगे हैं। शरद पवार का गढ़ माने वाले वाले बारामती क्षेत्र से इस बार बेटी सुप्रिया सुले एवं बहू सुनेत्रा पवार ( महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी) के बीच चुनावी जंग के संकेत मिलने लगे हैं।

बारामती में जारी हुआ एक ‘गुमनामी पत्र’

कुछ दिनों पहले अजित पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पत्र जारी करके बताया था कि आखिर उन्होंने अपने चाचा शरद पवार के खिलाफ बगावत क्यों की थी। अजित पवार की ओर से जारी किए गए एक खुले पत्र के बाद अब बारामती में ‘बारामतीकरांची भूमिका’ (बारामती के लोगों की भूमिका) शीर्षक वाला एक गुमनामी पत्र जारी हुआ है, जिसमें पवार परिवार की राजनीतिक इतिहास के बारे में विस्तार से बताया गया है।


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पवार परिवार की राजनीतिक शुरुआत

बारामती में इन दिनों जो गुमनामी पत्र सुर्खियों में बना हुआ है, उसमें पवार परिवार की राजनीति में शुरुआत का इतिहास बताते हुए लिखा गया है कि सबसे पहले शरद पवार की मां स्व. शारदाबाई पवार स्थानीय निकाय में एक सदस्य के रूप में चुनकर आई थी। इसके बाद उनके सबसे बड़े पुत्र अप्पासाहेब पवार एवं मंझले पुत्र शरद पवार भी सियासत में आ गए थे। शरद पवार के बड़े भाई अप्पासाहेब तब की सबसे मजबूत पार्टी ‘शेतकरी कामगार पक्ष’ से जुड़े थे, जबकि शरद पवार ने कुछ दिन बड़े भाई अप्पा साहेब के साथ काम किया और फिर कांग्रेस में शामिल हो गए।

ऐसे बढ़ी दूसरी पीढ़ी की सियासत

अप्पा साहेब और शरद पवार के बाद परिवार में दो लड़के सियासत के लिए तैयार हो गए थे। बड़े भाई अप्पासाहेब के पुत्र राजेंद्र पवार और दूसरे नंबर के भाई अनंतराव पवार के पुत्र अजीत पवार। राजेंद्र पवार के मुताबिक, मैं परिवार की खेती-बाड़ी का काम देख रहा था, इसलिए मेरे हर तरह से सक्षम होने के बावजूद पिता अप्पासाहेब और काका शरद पवार ने मिलकर दूसरे नंबर के चाचा अनंत राव के पुत्र अजीत पवार को राजनीति में आगे बढ़ाने का फैसला किया।

5 बार डिप्टी सीएम रहे अजित पवार

अजित पवार ने सियासत में अच्छी पारी खेली और अभी तक 5 बार राज्य के उपमुख्यमंत्री बन चुके हैं। वहीं शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले 3 बार बारामती संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुनाव जीत चुकी है।

तीसरी पीढ़ी से झगड़े की शुरुआत

तीसरी पीढ़ी तक पवार परिवार का कुनबा काफी फैल चुका है और अब परिवार में ही वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो चुकी है। ऐसा माना जा रहा है कि अजित पवार अपने बेटे पार्थ पवार को सियासत में लाना चाहते हैं। पार्थ एक बार मावल संसदीय सीट से चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन करारी हार का सामना भी कर चुके हैं। वहीं दूसरी ओर शरद पवार बड़े भाई अप्पासाहेब के पौत्र एवं राजेंद्र पवार के बेटे रोहित पवार की राजनीति में एंट्री कराना चाहते हैं। बीते विधानसभा चुनाव में रोहित अहमदनगर की कर्जत-जामखेड सीट से जीत कर विधायक बन चुके हैं।

गुमनामी पत्र पर क्या होले राजेंद्र पवार

बारामती में जो गुमनाम पत्र जारी हुआ है, उसके बारे में राजेंद्र पवार ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि ऐसे गुमनाम पत्र तभी जारी होते हैं, जब लोगों पर दबाव होता है। हालांकि उन्होंने कहा कि यह दबाव किसका, किस पर है, ये नहीं बता सकते हैं। वैसे ये साफ हो चुका है कि सियासत में पवार परिवार की 4 पीढ़ियों में से बाद की तीन पीढ़ियों में वर्चस्व की लड़ाई तेज हो चुकी है। बारामती क्षेत्र पर भविष्य में शरद पवार की पुत्री सुप्रिया सुले राज करेंगी या राजेंद्र पवार का पुत्र रोहित पवार या अजीत पवार का पुत्र पार्थ पवार, इसका फैसला इस बार का लोकसभा चुनाव कर देगा।