
Nirbhaya case में दोषी पाए गए चारों दरिंदों, विनय शर्मा, पवन गुप्ता, मुकेश सिंह और अक्षय कुमार सिंह को 20 मार्च, शुक्रवार को सुबह 5.30 बजे फांसी दी जाना है। इससे पहले बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने पवन गुप्ता की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें उसने खुद को नाबालिग बताया था। इसके बाद निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि उनकी बेटी को शुक्रवार को इन्साफ मिल जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कोर्ट ने दोषियों को इतने मौके दिए हैं कि उन्हें कानून का गलत फायदा उठाने की आदत हो गई है। अब कोर्ट को भी इसका आभास हो गया है।
Asha Devi, mother of 2012 Delhi gang-rape victim: Court gave them so many opportunities that they have become habituated of bringing something ahead of hanging&get it postponed. Now, our Courts are aware of their tactics. Nirbhaya will get justice tomorrow. https://t.co/NzSVKZFs1f pic.twitter.com/6YiG53wj8v
— ANI (@ANI) March 19, 2020
31 जनवरी को खारिज हो गई थी पवन गुप्ता की याचिका
सुप्रीम कोर्ट ने 20 जनवरी को उसका नाबालिग होने दावा खारिज कर दिया था। अदालत ने इसके बाद 31 जनवरी को उसकी पुनर्विचार याचिका भी खारिज कर दी थी। इससे बाद मंगलवार को पवन गुप्ता के वकील एपी सिंह ने उसकी ओर से क्यूरेटिव याचिका दायर किए जाने की पुष्टि की। 20 जनवरी को पवन की याचिका खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा ऐसे ही मामले को खारिज किए जाने के मामले में दखल देने का कोई आधार नहीं बनता है।
5 मार्च को जारी हुआ था डेथ वारंट
दोषियों के वकील कानून की कमजोरियों का फायदा उठाते हुए बार-बार फांसी टालने में सफल हो रहे हैं। आखिरी बार दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 5 मार्च को डेथ वारंट जारी किया था। निर्भया की मां और उनके लिए केस लड़ रहे वकीलों को उम्मीद है कि यह आखिरी सुनवाई होगी और 20 मार्च को दोषियों को एक साथ फांसी के फंदे पर टांग दिया जाएगा।
तिहाड़ जेल में हुआ डमी परीक्षण
इस बीच, बुधवार रात तिहाड़ जेल में दोषियों को फांसी के फंदे पर टांगने का डमी परीक्षण हुआ। इसके लिए मेरठ से जल्लाद को तीन दिन पहले ही बुला लिया गया था।