
अलवर। राजस्थान के अलवर जिले में पांच पुरुषों द्वारा एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म ने इस साल मई में सुर्खियां बटोरीं और काफी राजनीतिक विवाद पैदा किया। कई लोगों ने आरोप लगाया था कि इस मामले को दबाने की साजिश थी और प्रशासन अपना काम नहीं कर रहा था।
दुष्कर्म की एक और घटना अब अलवर जिले से सामने आई है और इसके साथ ही अलवर जिले के चोपानकी पुलिस स्टेशन से पुलिस की लापरवाही के बारे में भी चर्चा है। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है, जो अभी भी फरार है।
14 साल की लड़की ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि वह 28 मई को अपने दो भाइयों के साथ घर पर थी क्योंकि उसके माता-पिता उसके पिता के ऑपरेशन के लिए जयपुर गए थे। घर पर लड़की को अकेला पाकर दो आरोपी साजिद और जाफर उसे एक सुनसान जगह ले गए जहां उसके साथ कथित रूप से दुष्कर्म किया और वीडियो भी बनाया।
आरोपियों ने लड़की को वीडियो वायरल करने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि अगर उसने किसी को घटना के बारे में बताया तो वे वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे। उन्होंने उसे जान से मारने की धमकी भी दी।
इन बातों से डरकर लड़की ने अपने माता-पिता और परिवार को इस घटना के बारे में नहीं बताया। फिर भी आरोपी ने वीडियो को 10 जून को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। इसके बाद परिवार को इस घटना के बारे में पता चला। लड़की ने तब खुलासा किया कि उसके साथ दुष्कर्म किया गया था।
11 जून को पीड़िता के पिता ने चोपानकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस (POCSO) और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। फिर मामले को आगे की पूछताछ के लिए भिवाड़ी डीएसपी देवेंद्र सिंह को सौंप दिया गया।
मामला दर्ज किए नौ दिन बीत चुके हैं और पुलिस ने अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की है। यह भी आरोप लगाया गया है कि पुलिस इस घटना को दबाने की कोशिश कर रही है।
अलवर पुलिस अधीक्षक देशमुख परिश अनिल ने कहा कि पुलिस ने पीड़िता के बयान को 164 बार दर्ज किया है और मामले की जांच भिवाड़ी डीएसपी देवेंद्र सिंह कर रहे हैं।