जयपुर। राजस्थान के सीकर जिले के फतेहपुर कस्बे में रविवार देर रात कुछ लोगों ने कांवड़ियों पर हमला कर दिया। घटना में सात कांवड़िए घायल हुए। इसके बाद हुई बवाल के बाद सोमवार को हिंदूवादी संगठनों ने भी बाजार बंद करा दिए। इस दौरान स्थिति इतनी तनावपूर्ण हुई कि पुलिस को आंसू गैस छोड़नी पड़ी। बाद में धारा 144 लगाकर इंटरनेट पर 24 घंटे की रोक लगा दी गई।

जानकारी के अनुसार रविवार रात फतेहपुर के भरतिया हॉस्पिटल के पीछे चुरू रोड पर 15-20 कांवड़िए कांवड़ लेकर आ रहे थे। इसी दौरान एक समुदाय के युवकों ने डीजे बंद करने को कहा। इस पर कांवड़ियों ने डीजे की आवाज धीमी कर दी।

कांवड़ियों का आरोप है कि इस दौरान पीछे से समुदाय विशेष के कुछ युवकों ने उस पर पत्थरों, लाठियों, सरिए और तलवारों से हमला कर दिया। हमले में कांवड़िया अशोक प्रजापत, मनोज प्रजापत, मुकेश स्वामी, राकेश शर्मा, श्रवण प्रजापत, लालचंद प्रजापत, राजू प्रजापत घायल हो गए। एक कांवड़िये के सिर में गंभीर चोट लगी है और दो-तीन कांवड़ियों को अंदरूनी चोटें आई हैं।

कांवड़ियों के अनुसार उनके हाथ में कांवड़ थीं, इसलिए वे अपना बचाव भी नहीं कर सके। वहीं, कांवड़ियों पर हमला होता देख आसपास के घरों से लोग निकल कर आ गए। दूसरे समुदाय के लोग भी भारी संख्या में वहां जमा होने लगे। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। एहतियातन मौके पर आरएसी के जवान तथा हथियार बंद पुलिस को भी बुला लिया गया। समझाइश से मामला शांत कराया गया

कांवड़ियों पर हमले के आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सोमवार को हिंदूवादी सगंठन सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने बाजार बंद करवा दिए। प्रदर्शनकारियों को काबू करने के लिए अतिरिक्त बल मंगवाना पड़ा। इस दौरान भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खेदड़ा। वहीं प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े।