
जयपुर। राजस्थान के राजसमंद जिले में स्थित कुंभलगढ़ भारत के सबसे प्रसिद्ध किलों में से एक है। इसे 'भारत की महान दीवार' के नाम से भी जाना जाता है।
इस किले में 36 किमी की सबसे लंबी दीवार शामिल है और इसे मेवाड़ के महाराणा कुंभा ने बनवाया था। किले के निर्माण के दौरान वास्तु का ध्यान रखा गया था। मेवाड़ के प्रसिद्ध राजा महाराणा प्रताप का जन्म भी यहीं हुआ था।
साल 2013 में यूनेस्को ने इसे विश्व विरासत स्थल का दर्जा दिया था। इसमें जलाशयों, व्यथित गेटवे, महलों, मंदिरों, आवासीय भवनों, स्तंभों, छतरियों आदि शामिल हैं।
भारतीय पर्यटकों से यहां आने के लिए 15 रुपए प्रवेश शुल्क लिया जाता है। वहीं, विदेशी सैलानियों से 100 रुपए शुल्क लिया जाता है।

यह किला पूरे साल हर सुबह 8.00 बजे से शाम 6.00 बजे तक खुला रहता है।
खेती में इस बदलाव से अमीर हो रहे हैं किसान, इस गांव में रुकी आत्महत्याएं

कुंभलगढ़ किले में 360 मंदिर हैं, जिनमें से 300 जैन मंदिर हैं। कुंभलगढ़ किले में घूमने जाने का सही समय जुलाई से फरवरी के बीच है। यहां लाइट और साउंड शो शाम 6:45 बजे से शुरू होता है।

शाही राजपूत संगीत और रोशनी के माध्यम से समृद्ध परंपराओं को यहां पर्यटकों के सामने पेश किया जाता है। पूरे किले में एक घंटे के लिए रोशनी होती है और यह नजारा अद्भुत दिखता है।