जयपुर। करारी हार की वजह से बड़ी गेहलोत सरकार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। हार के बाद सरकार और सीएम पर लगातार निशाना साधा जा रहा है। अब एक विधायक अपनी ही सरकार के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। टोंक जिले में एक ट्रैक्टर चालक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले को लेकर कांग्रेस के विधायक एवं पूर्व पुलिस महानिदेशक हरीश मीणा तीन दिन से धरने पर बैठे हुए थे, लेकिन सुनवाई न होने पर उन्होंने आमरण अनशन शुरु कर दिया।

उनके साथ एक अन्य विधायक गोपीचंद मीणा भी आमरण अनशन पर बैठे हैं। भाजपा सांसद सुखबीर सिह जौनपुरिया और किरोड़ी लाल मीणा भी शनिवार को धरना स्थल पर पहुंचे । टोंक जिले के उनियारा उपखंड के बोसरिया गांव के पास तीन दिन पहले ट्रैक्टर चालक भजनलाल मीणा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। आरोप है कि उनियारा थाने के पुलिसकर्मियों द्वारा की गई मारपीट से भजनलाल की मौत हुई है।

आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने और पांच सूत्रीय मांगों को लेकर क्षेत्रीय कांग्रेस विधायक हरीश मीणा के नेतृत्व में सैंकड़ों लोगों ने नगरफोर्ट पीएचसी के बाहर शव के साथ धरना शुरू कर दिया था । राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक रहे विधायक हरीश मीणा ने पुलिस पर मामले को रफा-दफा करने का आरोप लगाया है ।

मीणा के नेतृत्व में रैली निकालकर लोगों ने जिला कलेक्टर आरसी ढेनवाल और पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट के खिलाफ नारेबाजी की और उनका पुतला फूंका । लोगों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि दोनों ही अधिकारी मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे और सरकार को गलत रिपोर्ट भेज रहे। उधर, आमरण अनशन शुरू होने से आंदोलन के और उग्र होने की आशंका है। धरने और आंदोलन के मद्देनजर पूरा नगरफोर्ट कस्बा छावनी में तब्दील कर दिया गया है ।

Posted By: Yogendra Sharma