Rajasthan Municipal Corporation Election 2020: राजस्थान में विधानसभा का सत्र समाप्त होने से पहले ही एक और बडी राजनीतिक घोषणा हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने राजस्थान की राजधानी जयपुर और अन्य दो बडे शहरों जोधपुर व कोटा के नगर निगमों के चुनाव पांच अप्रेल को कराने की घोषणा की है। इन तीन शहरों के छह नगर निगमों के 550 वार्डों के लिए 35 लाख से ज्यादा मतदाता वोट डालेंगे।

राज्य निर्वाचन आयुक्त पीएस मेहरा ने गुरूवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव कार्यक्रम घोषित किया। घोषित कार्यक्रम के अनुसार जयपुर शहर के दो निगमों जयपुर हेरिटेज, जयपुर ग्रेटर, जोधपुर शहर के जोधपुर उत्तर, जोधपुर दक्षिण तथा कोटा शहर के कोटा उत्तर और कोटा दक्षिण नगर निगम के पार्षदों के चुनाव के लिए 19 मार्च को लोक सूचना जारी की जाएगी। 23 मार्च तक नामांकन-पत्र दाखिल किए जा सकेंगे। इसके बाद 24 मार्च को नामांकन-पत्रों की जांच होगी और 26 मार्च तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 27 मार्च को चुनाव चिन्हों का आवंटन किया जाएगा और 5 अप्रेल को मतदान होगा। सात अप्रेल को मतगणना होगी।

निर्वाचित पार्षद 16 अप्रेल को महापौर का चुनाव करेंगे। महापौर के चुनाव के लिए 9 अप्रैल को नामांकन-पत्र दाखिल किए सकेंगे। 10 अप्रैल को नामांकन-पत्रों की जांच होगी। 13 अप्रैल को नामांकन-पत्र वापस लिए जा सकेंगे. उसी दिन प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए जाएंगे और इसके बाद 16 अप्रैल को मतदान होगा। उसी दिन मतगणना कर परिणाम घोषित कर दिया जाएगा।

इसी तरह, निगम मुख्यालय में ही उपमहापौर के लिए 17 अप्रेल को निर्वाचित सदस्यों (पार्षदों) द्वारा चुनाव होगा। इसके लिए सुबह 10 बजे बैठक प्रारंभ होगी। सुबह 11 बजे तक नामांकन दाखिल किया जा सकेगा। दोपहर 2 बजे तक नामांकन वापस लिए जा सकेंगे और इसके बाद जरुरी हुआ तो मतदान होगा। इसके तुरंत बाद उपमहापौर की घोषणा हो सकेगी। चुनाव की घोषणा के साथ ही इन तीनों में शहरों में आचार संहिता लागू हो गई है।

सरकार ने ऐन मौके पर बांट दिए थे निगम- जयपुर, जोधपुर और कोटा में अब तक एक ही नगर निगम था। तीनों जगह नए परिसीमन के अनुसार वार्डो की संख्या बढाई गई थी और इनके चुनाव भी पिछले वर्ष नवम्बर में ही होने थे, लेकिन सरकार ने चुनाव से कुछ समय पहले ही तीनों जगह निगमों का बंटवारा कर दिया और नए सिरे से परिसीमन कराने की घोषणा कर दी। वार्डो की संख्या भी बढा दी गई। ऐसे में कार्यकाल समाप्त होने के बाद इन निगमों मंे प्रशासक नियुक्त करने पडे। सरकार के इस निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर याचिका पर फैसला करते हुए कोर्ट ने कार्यकाल समाप्त होने के छह माह में चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। इसी के चलते अब आयोग ने 17 अप्रेल तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए है।

राजनीतिक तौर पर अहम है तीनों शहर- राजस्थान के इन तीन बडे शहरों के निकाय चुनाव को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है, क्योंकि जयपुर जहां राजधानी है, वहीं जोधपुर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का गृहनगर है तथा कोटा स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल का गृह नगर है। तीनों जगह पिछली बार भाजपा ने जीत हासिल की थी। अब नगर निगमों का बंटवारे को भाजपा के वोट बैंक में सेंध के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।

Posted By: Navodit Saktawat