राजमाता गायत्री देवी के पोते-पोती ही कानूनी वारिस : हाई कोर्ट
जयपुर घराने की राजमाता गायत्री देवी के दो पोते, पोती उनके कानूनी वारिस होंगे। हाई कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है।
By
Edited By:
Publish Date: Sun, 10 Dec 2017 10:39:13 PM (IST)
Updated Date: Sun, 10 Dec 2017 10:43:25 PM (IST)

नई दिल्ली। जयपुर घराने की राजमाता गायत्री देवी के दो पोते, पोती उनके कानूनी वारिस होंगे। हाई कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है।
अदालत ने अपने पहले के उस फैसले को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि जयपुर की दिवंगत महारानी के दो सौतेले बेटे भी उनकी संपत्ति के हिस्से में हकदार हैं।
गायत्री देवी के निधन के बाद उनकी संपत्ति पर दावेदारी को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। उनके पोते देवराज और पोती लालित्या ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए कहा था कि उनके पिता जगत सिंह, गायत्री देवी और महाराज सवाईमान सिंह के बेटे हैं।
जगत सिंह का विवाह थाइलैंड की राजावेंगसे प्रियनंदना रांगसित से हुआ था। जगत सिंह ने निधन से पहले वसीयत बनाई थी जिसमें उन्होंने गायत्री देवी को अपनी सारी संपत्ति का स्वामित्व दे दिया था।
गायत्री देवी का 29 जुलाई, 2009 को निधन हो गया था। ऐसा बताया गया कि उन्होंने एक वसीयत छोड़ी थी जिसमें कहा था कि उनके पोते देवराज और पोती लालित्या जो वर्तमान में बैंकाक में रहते हैं, उन्हें ही उनकी सारी संपत्ति मिलेगी।
न्यायमूर्ति एस रवींद्रन भट ने यह आदेश उनके पोते-पोती की पुनर्विचार याचिका पर दिया है। इसमें उन्होंने इसी अदालत के 2010 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें अदालत ने गायत्री देवी के वारिस के रूप में दावेदारी करने वाले दो अलग आवेदनों को मंजूरी दी थी।
पहली याचिका देवराज और लालित्या ने दायर की थी जबकि दूसरा आवेदन गायत्री देवी के सौतेले बेटे पृथ्वीराज सिंह और जय सिंह ने डाला था। वे दोनों महाराज सवाई मानसिंह की दूसरी पत्नी के बेटे हैं।