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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 05, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जानिए कौन है RSS की तारीफ करने वाले पूर्व जज थॉमस

सामाजित क्षेत्र में काम करने के लिए उन्हें पद्मभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

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Publish Date: Fri, 05 Jan 2018 09:09:37 AM (IST)Updated Date: Fri, 05 Jan 2018 06:33:17 PM (IST)
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जानिए कौन है RSS की तारीफ करने वाले पूर्व जज थॉमस

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज केटी थॉमस ने कहा है कि संविधान और सेना के बाद केवल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ही है, जो भारतीयों की रक्षा में सक्षम है। केटी थॉमस ने यह बात केरल के कोट्टायम में आरएसएस के एक ट्रेनिंग कैंप को संबोधित करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि अगर किसी संस्था को इमरजेंसी के बाद देश को स्वतंत्र कराने का श्रेय दिया जा सकता है तो वह है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ। कोई पूछता है कि देश के लोग सुरक्षित क्यों हैं, तो मैं कहना चाहूंगा कि यहां संविधान है, लोकतंत्र है, सेना है और किस्मत से आरएसएस है। इतना ही नहीं, देश को इमरजेंसी के चंगुल से छुड़ाने का श्रेय भी आरएसएस को जाता है।


पद्मभूषण से सम्मानित हैं थॉमस -

आपको बताते चलें कि थॉमस सुप्रीम कोर्ट की उस बेंच में शामिल थे, जिसने राजीव गांधी हत्याकांड के मामले में दोषियों को मौत की सजा सुनाई थी। वह साल 2002 में रिटायर हो गए थे। सामाजित क्षेत्र में काम करने के लिए उन्हें पद्मभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

अगस्त 2011 में उन्होंने एक सार्वजनिक भाषण के दौरान महात्मा गांधी की हत्या के आरोप से आरएसएस को बख्श दिया था, जिसे लेकर काफी बहस छिड़ी है।

सांप्रदायिक और लक्षित हिंसा बिल पर विरोध कर उन्होंने हलचल पैदा कर दी थी। उन्होंने इस विधेयक को भारत को विभाजित करने वाला और संविधान के विरूद्ध कहा था।

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राजीव गांधी हत्या मामले में उन्होंने साल 2013 में कहा था कि सजा के तीन आरोपियों को सजा देने में 23 साल की देरी के कारण अब उनकी मौत की सजा छोड़ देनी चाहिए।

मार्च 2014 में थॉमस ने लोकपाल की चयन समिति का नेतृत्व करने लोकपाल खोज समिति की अगुवाई करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि चयन समिति के लिए नामों की सिफारिश करना होगा। चयन समिति इन नामों को स्वीकार या अस्वीकार कर सकती है। लिहाजा इस खोज समिति के होने का ही कोई मूल्य नहीं है।

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