अनंगपाल दीक्षित, अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ राज्य में पहली बार मुर्गियों के अंडे के छिलके से बेशकीमती 'एग शेल पाउडर' का निर्माण कराया जा रहा है। सरगुजा जिला मुख्यालय से छह किलोमीटर दूर सकालो के शासकीय पोल्ट्री फार्म में बड़े पैमाने पर कचरे की तरह फेंके जाने वाले मुर्गियों के अंडे के छिलके का उपयोग पाउडर बनाकर फसलों व उद्यानों में खाद के रूप में उपयोग किए जाने की योजना बनाई गई है,जिसकी शुरूआत आज से हो चुकी है। महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा इन अंडों के छिलकों को एकत्र कर इससे पाउडर बनाने का काम शुरू कर दिया गया है।

इस बेशकीमती एग शेल पाउडर का उपयोग पोल्ट्री फार्म की मुर्गियों में कैल्शियम की कमी दूर करने के साथ खाद के रूप में किया जाएगा। अब तक देश के कर्नाटक में ही ऐसा प्रयोग किया जा सका है। इससे न सिर्फ बेशकीमती खाद तैयार हो रहा है,बल्कि महिला स्वयं सहायता समूह को एक बड़ा स्वरोजगार भी बैठ-बिठाए मिल गया है।

गौरतलब है कि सरगुजा जिले में महिला सशक्तिकरण को लेकर पिछले एक वर्ष से निरंतर कलेक्टर श्रीमती ऋतु सैन के मार्गदर्शन में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने काम किया जा रहा है। महिलाओं को कई तरह के स्थानीय संसाधनों से ही स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें स्वावलंबी बनाने के साथ आर्थिक रूप से सबल बनाने का काम शुरू हुआ है। जिला मुख्यालय व ब्लाक मुख्यालयों में कैंटीन का सफल संचालन करने के साथ महिला समूह शहर के प्रमुख स्थलों पर पार्किंग की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं।

शहर में सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी भी अब उन्हीं के कंधों पर सौपी जा रही है। शहर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत घर-घर कचरा कलेक्शन का काम भी महिला समूह ने शुरू किया है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ में पहली बार शासकीय पोल्ट्री फार्म से निकलने वाले मुर्गियों के अंडों के छिलकों का बड़ा उपयोग शुरू किया गया है।

सरगुजा जिला प्रदेश का पहला जिला होगा,जहां सत्यमेव जयते के सी.श्रीनिवासन के मार्गदर्शन में कलेक्टर की पहल पर मुर्गी के अंडों के छिलकों का उपयोग एग सेल पाउडर तैयार करने में किया जा रहा है। सी श्रीनिवासन ने बकायदे पशुपालन विभाग द्वारा गठित महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को इसकी ट्रेनिंग दी। ट्रेनिंग के बाद महिलाओं ने काम भी शुरू कर दिया है।

रौशनी महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने ट्रेनिंग के बाद एग शेल पाउडर का निर्माण भी उत्साह से आरंभ किया है। सकालो के शासकीय पोल्ट्री फार्म में बड़े पैमाने पर मुर्गियां पाली जाती है। इस दौरान जो अंडे खराब होते हैं या चूजे निकल जाते हैं उनके छिलके पूरे क्षेत्र में गंदगी और बदबू के कारण बने हुए हैं।

इसको देखते हुए कलेक्टर श्रीमती ऋतु सैन ने सी श्रीनिवासन को इसकी जानकारी दी और उन्होंने इसके बेहतर उपयोग कराना शुरू किया। इससे सकालो क्षेत्र में मुर्गियों के अंडों के छिलके से फैल रही गंदगी भी दूर हो जाएगी।

महिला समूह को अंडे के छिलके से पाउडर बनाने में ज्यादा मेहनत भी करना नहीं पड़ रहा है। बकायदे इसकी पैकिंग कर बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा। इस पाउडर का उपयोग मुर्गी फार्म में रखी गई मुर्गियों में कैल्शियम की कमी दूर करने के लिए एक क्विंटल दाने में एक किलो एग शेल पाउडर मिलाकर खिलाया जाएगा, जिससे मुर्गियों में कैल्शियम की कमी दूर होगी ही, वहीं इसका सर्वाधिक उपयोग फसलों और उद्यानों में लगे पौधों में खाद के रूप में डालने के लिए होगा।

यह पाउडर बेशकीमती माना जाता है और बाजार में 200 रुपए से 600 रुपए प्रतिकिलो के हिसाब से बिकता है। सरगुजा जिले में इस अनूठी पहल से न सिर्फ पोल्ट्री फार्म के आसपास अंडे के छिलकों से फैल रही गंदगी दूर होगी बल्कि महिलाओं को सीधे स्वरोजगार के साथ आर्थिक लाभ मिलेगा।

रौशनी स्वयं सहायता की 10 महिलाएं इस काम में पूरे मनोयोग से जुट गई हैं। पूरे छत्तीसगढ़ राज्य का पहला शासकीय पोल्ट्री फार्म सकालो जल्द इस कार्य के लिए चर्चित होने जा रहा है। पोल्ट्री फार्म के अधिकारी-कर्मचारी भी इस नए कार्य को देख काफी उत्साहित हैं और महिला समूह की मदद भी कर रहे हैं।

कूटकर बनाया जा रहा एग शेल पाउडर

महिला स्वयं सहायता समूह को सत्यमेव जयते के सी श्रीनिवासन ने एक सप्ताह पोल्ट्री फार्म में ही ट्रेनिंग दी और मुर्गियों के अंडे के छिलके से पाउडर बनाने की विधि बताई। महिलाएं बारिकी से इस विधि को समझी और पाउडर तैयार करने में जुट गई हैं। सबसे पहले अंडे के छिलके को पानी से अच्छी तरह धोया जाता है। इसके बाद उसे धूप में सूखाकर कूटाई की जाती है। बारिक होने के बाद उसे आटा चालने के उपयोग में आने वाली चलनी से छानकर पैकिंग की जाती है।

वेस्ट मैनेजमेंट और मुनाफा भी

इस तकनीक से सकालो पोल्ट्री फार्म के आसपास स्थित ग्रामीण इलाकों में अंडे के छिलके से फैल रही गंदगी और कचरा भी दूर होगा और महिलाओं को सीधे मुनाफा भी मिलेगा। सकालो में जो महिलाएं इस काम में लगी हैं उन्हें देखने आसपास की महिलाएं भी पहुंचने लगी हैं। सकालो क्षेत्र निजी पोल्ट्री फार्म के लिए भी जाना जाता है। ऐसे में अन्य महिलाएं भी इस काम को भविष्य में करने आतुर हैं।

50 से 60 किलो प्रतिमाह निकलेगा पाउडर

सकालो स्थित शासकीय पोल्ट्री फार्म में बड़ी तादाद में अंडे से चूजों की हैचिंग कराई जाती है। चूजा निकलने के बाद बड़ी मात्रा में अंडे के छिलके निकलते हैं, जिसका उपयोग पाउडर बनाने के लिए किया जा रहा है। सकालो के शासकीय पोल्ट्री फार्म में एग शेल पाउडर का निर्माण शुरू हो चुका है। प्रतिमाह 50 से 60 किलो एग शेल पाउडर निकलने का अनुमान है। ऐसे में लगभग 10 से 12 हजार रुपए प्रतिमाह उक्त महिला समूह को बैठे-बिठाए मिल सकता है।

इनका कहना है

कलेक्टर सरगुजा के मार्गदर्शन में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के जानकार सी श्रीनिवासन के द्वारा राज्य में पहली बार सकालो पोल्ट्री फार्म में एग शेल पाउडर निर्माण शुरू कराया गया है। इससे कचरों का मैनेजमेंट तो होगा ही महिलाओं को आय के साधन भी मिल गए हैं। ट्रेनिंग के दौरान ही महिलाओं ने 20 किलो से अधिक पाउडर तैयार कर लिया है। आज ही ट्रेनिंग खत्म हुई है, कल से महिलाएं तेजी से काम शुरू कर देंगी। पशुपालन विभाग भी उनकी पूरी मदद कर रहा है।

डाॅ. सीके मिश्रा प्रबंधक, शासकीय कुक्कुट पालन केंद्र सकालो

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