राहुल उपाध्याय, कटनी (मप्र)। कटनी पोस्ट ऑफिस के बाहर आज भी एक लेटर बॉक्स भारत के पुराने समय को याद दिलाता रहता है। भारत में सन् 1854 में डाकघर की स्थापना के कुछ समय बाद यह ऐतिहासिक लेटर बॉक्स स्थापित किया गया था। 120 किलोग्राम वजन का यह लेटर बॉक्स 150 सालों के लंबे समय के बाद भी आज भी जस का तस है।
डाक सेवा के प्रारंभिक काल में यह इंग्लैड से बनकर आया था, तब से लेकर अभी तक असंख्य पत्र इस बॉक्स में डाले जा चुके हैं। कटनी मुख्य पोस्ट ऑफिस में पहुंचने से पहले यह लेटर बॉक्स जबलपुर आरटीओ कार्यालय के सामने लगा हुआ था। इसे ऐतिहासिक घोषित किया गया था।
जबलपुर में है राजा
जबलपुर मुख्य पोस्ट ऑफिस परिसर में लगे लेटर बॉक्स को राजा का दर्जा दिया गया था। यह लेटर बॉक्स जबलपुर शहर में डाकघर के प्रारंभिक दौर का है। यह लेटर बॉक्स 1860 ईस्वी में इंग्लैंड से बनकर आया था। 205 किग्रा वजनी इस लेटर बॉक्स का ऊपरी सिरा महारानी विक्टोरिया के राजमुकुट के समान है जिसमें ब्रिटिश ध्वज अंकित है। वहीं इस मुकुट में लंबे-चौड़े सितारे बने हुए हैं।
धरोहर के रूप में किया जाता है याद
जबलपुर प्रधान डाकघर अधीक्षक अतुल कुमार तिवारी ने लेटर बॉक्स के बारे में बताया कि आयरन कास्ट का इस्तेमाल कर इन्हें सांचे में ढालकर बनाया जाता है। इन लेटर बॉक्सों में कभी जंग नहीं लगती इन्हें सांचे में ढालकर बनाने में उस समय अधिक लागत भी आती थी।
जैसे-जैसे आधुनिक तकनीकों का विकास हुआ व आबादी क्षेत्र बढ़ने के बाद इन लेटर बॉक्सों का निर्माण भी बंद कर दिया गया। हर जगह इन लेटर बॉक्सों को लगाना संभव नहीं था। इनके जगह कम लागत वाले लेटर बॉक्सों का निर्माण उस समय किया जाने लगा जो ग्रामीण अंचलों से लेकर शहरी क्षेत्र में लगाए गए।
ब्रिटिशकाल के राजा रानी के मुकुट के आकार के बने लेटर बॉक्सों को डाक विभाग द्वारा अब खास स्थानों पर ऐतिहासिक धरोहर के रूप में स्थापित किया गया है। इन लेटर बॉक्सों में इनकी स्थापना के बाद से उस समय लोग डाक सेवाओं का उपयोग अधिक करते थे। पत्र, राखियां, मनीऑर्डर नौकरी का आवेदन, विवाह कार्ड आदि से लेकर आजादी के समय देश-विदेश में इन दोनों लेटर बॉक्सों में असंख्य पत्रों का आदान-प्रदान किया गया। अब इन्हें धरोहर के रूप में सुरक्षित रखा गया है।
ये है कहानी
भारत वर्ष में सन् 1854 में डाकघर की स्थापना के कुछ समय बाद यह ऐतिहासिक लेटर बॉक्स डाक सेवा के प्रारंभिक काल में इंग्लैंड से बनकर आया था। जबलपुर प्रधान डाकघर में लगे ऐतिहासिक ब्रिटिश क्वीन के मुकुट के आकार के लेटर बॉक्स की श्रृंखला की यह दूसरी पत्र पेटी डाक विभाग के गौरवमयी इतिहास को संजोए हुए है।
23 नवंबर 2006 को इस ऐतिहासिक पत्र पेटिका का लोकार्पण माधुरी डबराल निदेशक डाक सेवाएं इंदौर परिक्षेत्र द्वारा वरिष्ठ डाक अधीक्षक डॉ. कुशल पाठक की अध्यक्षता में कटनी मुख्य पोस्ट ऑफिस के प्रवेश द्वार पर इसे लगाकर किया गया था जो डाक सेवा के अविस्मरणीय यादों को संजोए हुए है।