Pitra Dosh Sign: क्या आपके भी बनते-बनते बिगड़ जाते हैं काम, कहीं पितृदोष तो नहीं, ऐसे पहचानें
Pitra Dosh Sign: ऐसा माना जाता है कि पितृ दोष होने की वजह से मांगलिक कार्यों में बाधा आने लगती है। ...और पढ़ें
By Arvind DubeyEdited By: Arvind Dubey
Publish Date: Thu, 23 Mar 2023 02:21:10 PM (IST)Updated Date: Thu, 23 Mar 2023 02:21:10 PM (IST)

Pitra Dosh sign: सनातन संस्कृति में पितरों के पूजन का बेहद महत्व बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि पितरों का अनादर और उपेक्षा करने से दोष लगता है। ऐसे में आपके जीवन में परेशानी का अंबार लग जाता है। ऐसा कहा जाता है कि पितृ दोष लगने से वंश आगे नहीं बढ़ पाता है। ऐसे में संतान सुख की प्राप्ति नहीं हो पाती है।
काम नहीं बनते हैं?
पितृ दोष लगने से बनते हुए काम भी बिगड़ने लगते है। ऐसे में आपको किसी भी काम में सफलता हाथ नहीं लगती है और आप निराश होने लगते है। पितरों के नाराज होने से काम बाधित होने लगते है और हर काम में अड़चन आने लगती है।
संतान सुख से वंचित
पितृ दोष लगने से दंपति को संतान सुख की प्राप्ति नहीं हो पाती है। साथ ही आपका वंश आगे नहीं बढ़ पाता है। इसके साथ ही घर में सुख-शांति का अभाव होने लगता है। जिससे घर में अक्सर झगड़े होने लगते है।
बीमारी का घर
पितृ दोष लगने से घर के किसी न किसी सदस्य को बीमारी घेरे रहती है। ऐसे में घर में नाकारात्मक माहौल उत्पन्न होने लगता है और बीमारी ऐसी होती है कि जिससे घर में उदासी छाने लगती है।
नौकरी-बिजनेस में हताशा
पितृ दोष लगने की वजह से नौकरी में उन्नति के योग नहीं बन पाते है। साथ ही हताशा हाथ लगने लगती है। वहीं बिजनेस कर रहे लोगों के व्यापार में तरक्की के मार्ग अवरोधित हो जाते है और उनके हाथ हमेशा खाली रहने लगते है।
मांगलिक कार्य में बाधा
ऐसा माना जाता है कि पितृ दोष होने की वजह से मांगलिक कार्यों में बाधा आने लगती है। घर में कोई भी शुभ कार्य के योग नहीं बन पाते है। साथ ही विवाह जैसे मांगलिक कार्यों में अड़चने पैदा होने लगती है।
अमावस्या पर पिंडदान
ऐसा माना जाता है कि पितरों को शांत करने के लिए अमावस्या पर जल से तर्पण करना चाहिए। ऐसा करने से पितृ शांत होते है और हम पर लगे दोष को शांत करते है। इसी दिन पितरों का पिंडदान भी करना चाहिए।