जसवंत ठाकुर, मनाली। मनाली के सोलंगनाला स्थित अंजनी महादेव दुनिया का सबसे बड़ा बर्फ का प्राकृतिक शिवलिंग माना जाता है। पारा माइनस में जाते ही यहां शिवलिंग का आकर बनना शुरू हो जाता है और फरवरी में शिवरात्रि के दौरान आकार 35 फीट से भी अधिक ऊंचा हो जाता है।

इस शिवलिंग का आकार 15 फीट ऊंचा हो गया है। मार्च तक इस शिवलिंग का आकार 20 से 35 फीट तक पहुंच जाता है। अंजनी महादेव से गिरता झरना बर्फ बनकर शिवलिंग का रूप धारण कर रहा है। इसे देखने के लिए देशी-विदेशी सैलानियों के यहां पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। मनाली से 25 किलोमीटर दूर सोलंगनाला के पास अंजनी महादेव में यह प्राकृतिक शिवलिंग साढ़े 11 हजार फीट की ऊंचाई पर है।

यहां हर मनोकामना होती है पूरी

मान्यता है कि इस शिवलिंग के दर्शन से हर मनोकामना पूर्ण हो जाती है। श्री अमरनाथ बाबा बर्फानी से भी ज्यादा बड़ा व ऊंचा शिवलिंग यहां बनता है। मान्यताओं के अनुसार, त्रेता युग में माता अंजनी ने पुत्र प्राप्ति और मुक्ति पाने के लिए तपस्या की थी और भगवान शिव ने दर्शन दिए थे। तभी से यहां पर प्राकृतिक तौर पर बर्फ का शिवलिंग बनता है।

बर्फ के बीच नंगे पांव सफर

खास बात यह है कि बर्फ के बीच बसे अंजनी महादेव के दर्शन नंगे पांव चलकर किए जाते हैं और श्रद्धालुओं को यह बर्फ नुकसान नहीं पहुंचाती है। जानकारी के अनुसार करीब डेढ़ सौ मीटर तक बर्फ पर नंगे पैर चलकर श्रद्धालु प्राकृतिक शिवलिंग तक पहुंचते हैं। दैवीय चमत्कार ही है कि बर्फ में नंगे पांव चलने से भी श्रद्धालुओं को कोई नुकसान नहीं होता।

कैसे पहुंच सकते हैं अंजनी महादेव

शिवलिंग तक पहुंचने के लिए बस और टैक्सी से मनाली पहुंचा जा सकता है। मनाली से सोलंगनाला तक का 15 किलोमीटर का सफर टैक्सी से कर सकते हैं। वहीं, सोलंगनाला से अंजनी महादेव तक पांच किलोमीटर का सफर पैदल या घोड़ों से तय किया जा सकता है।

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