Astrology Tips: मंगलसूत्र वैवाहिक जीवन का प्रतीक है। मंगलसूत्र को सुहागिन महिलाओं की निशानी माना गया है। मंगलसूत्र के बिना महिला का श्रृंगार अधूरा है। इसका संबंध भगवान शिवजी और मां पार्वती से है। इसका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व है। मंगलसूत्र में काले मोती एक धागे में पिरोए जाते हैं। इन काले मोती का खास महत्व है। इन मोतियों के बिना मंगलसूत्र अधूरा है। इन मोतियों को महादेव और देवी पार्वती के बीच बंधन का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि मंगलसूत्र में सोना माता पार्वती और काले मोती भोलेनाथ का प्रतीक है।
मंगलसूत्र अवश्य पहनें
मंगलसूत्र में नौ मनके होते हैं, जो ऊर्जा का प्रतीक होता है। ये देवी दुर्गा के रूपों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ये सुहाग की रक्षा करते हैं। साथ ही दांपत्य जीवन को बुरी नजर से बचाता है। ये मनके वायु, जल, पृथ्वी और अग्नि तत्वों के प्रतीक हैं। स्त्रियों को मंगलसूत्र अवश्य पहनना चाहिए। गले को खाली नहीं रखना चाहिए।
दूसरी महिला का मंगलसूत्र नहीं पहनना चाहिए
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगलसूत्र किसी अन्य महिला का पहनना नहीं चाहिए। ऐसा करना अशुभ होता है। दांपत्य जीवन में कलह और तनाव पैदा करता है। मंगलसूत्र में काले मोती जरूर होना चाहिए। ये मोती पति को दोष से बचाते हैं और आयु में वृद्धि करते हैं। वहीं मंगलसूत्र में स्वर्ण का इस्तेमाल होता है। सोना बृहस्पति ग्रह को मजबूत बनाता है। सुहागिन महिलाएं नियमित रूप से मंगलसूत्र धारण करती हैं, उन्हें बृहस्पति शुभ फल देते है। इससे उनका वैवाहिक जीवन सुख-शांति से गुजरता है।
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