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रात में जंगल में घूमती हैं देवी! जानिए पटना के वन देवी मंदिर का वो रहस्य, जिसने बॉलीवुड को भी कर दिया हैरान

बिहार के पटना (बिहटा) स्थित घने जंगल के बीच 400 साल पुराना वन देवी मंदिर अपनी रहस्यमयी मान्यताओं और लोककथाओं के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहां मा...और पढ़ें

By Akriti KumariEdited By: Akriti Kumari
Publish Date: Fri, 18 Sep 2026 04:18:55 PM (IST)Updated Date: Fri, 18 Sep 2026 04:18:55 PM (IST)
रात में जंगल में घूमती हैं देवी! जानिए पटना के वन देवी मंदिर का वो रहस्य, जिसने बॉलीवुड को भी कर दिया हैरान
बिहार के बिहटा में स्थित रहस्यमयी 400 साल पुराना वन देवी मंदिर। (फाइल फोटो)

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। बिहार की राजधानी पटना के पास बिहटा स्थित वन देवी मंदिर इन दिनों अपनी 400 साल पुरानी रहस्यमयी मान्यताओं को लेकर देश भर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। घने जंगल और ग्रामीण परिवेश के बीच स्थित यह मंदिर न केवल श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है, बल्कि अब बॉलीवुड सिनेमा की वजह से भी लोगों के अट्रैक्शन का बड़ा केंद्र बन गया है।

सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया स्टारर फिल्म ‘The Vvaan: Force of the Forrest’ की कहानी को इसी वन देवी मंदिर से प्रेरित बताया जा रहा है।

जंगल के बीच पवित्र पिंड के रूप में विराजमान हैं मां वन देवी

यह मंदिर पटना से लगभग 35 किमी पश्चिम में बिहटा के पास अमहरा, राघोपुर और कंचनपुर गांवों की सीमाओं पर स्थित है। यह कोई विशाल मंदिर न होकर एक छोटा लेकिन विशिष्ट धार्मिक स्थल है।

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, वन देवी को जंगल और वहां के जीव-जंतुओं की रक्षक माना जाता है। यहां माता की पूजा किसी पारंपरिक मूर्ति के रूप में नहीं, बल्कि एक पवित्र पिंड के रूप में की जाती है।

सूर्यास्त के बाद सन्नाटा: शाम होते ही बंद हो जाते हैं कपाट

मंदिर में शाम होते ही कपाट बंद कर दिए जाते हैं। साथ ही पुजारी सहित सभी लोग वहां से चले जाते हैं। रात के समय मंदिर परिसर या आसपास के जंगल में रुकने की पूरी तरह मनाही है।

स्थानीय लोगों का दृढ़ विश्वास है कि सूर्यास्त के बाद वन देवी स्वयं जंगल में विचरण करती हैं। यही वजह है कि रात में कोई भी व्यक्ति इस क्षेत्र में जाने का साहस नहीं करता। फिल्म की कहानी भी इसी रहस्य और अलौकिक शक्तियों पर आधारित है।


भक्त विद्यानंद मिश्रा और मां विंध्यवासिनी से जुड़ी कथा

मंदिर की स्थापना को लेकर एक अत्यंत लोकप्रिय लोककथा प्रचलित है। बिहटा क्षेत्र के निवासी विद्यानंद मिश्रा मां विंध्यवासिनी के अनन्य भक्त थे और मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) जाकर दर्शन करते थे। वृद्धावस्था के कारण जब उनका मिर्जापुर जाना कठिन हो गया, तब मां विंध्यवासिनी ने उन्हें स्वप्न में दर्शन दिए। और अपनी पवित्र पिंड का एक हिस्सा स्थानीय जंगल में स्थापित करने का आदेश दिया।

इसके बाद उन्होंने अमहरा, राघोपुर और कंचनपुर की सीमा पर इस पिंड को स्थापित किया। उस समय यहाँ घना जंगल होने के कारण माता को 'वन देवी' कहा जाने लगा।

बॉलीवुड सिनेमा और बढ़ती लोकप्रियता

रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म मेकर्स ने इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने से पहले स्वयं इस मंदिर में दर्शन किए। इसके अलावा,स्थानीय संतों, पुजारियों और ग्रामीणों से बातचीत कर यहां की कथाओं को समझा। फिल्म की अनाउंसमेंट के बाद से ही मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा देखा जा रहा है।

(नोट: यह रिपोर्ट स्थानीय लोक मान्यताओं, पौराणिक कथाओं और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।)

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