Birth Time in Horoscope: किसी भी इंसान की कुंडली में जन्म समय और जन्म स्थान का बहुत महत्व होता है। ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि जन्म समय कुंडली की आत्मा है और सटीक जन्म समय कुंडली विश्लेषण के लिए सार है। भविष्यवाणी करने के लिए एक सटीक जन्म समय जरूरी है, लेकिन समस्या तब आती है जब व्यक्ति को उसका सही-सही जन्म समय पता न हो। यह समस्या उन लोगों में अधिक है, जिनका जन्म ग्रामीण क्षेत्र में हुआ है। जन्म समय में त्रुटि बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। जन्म समय के सत्यापन की कई तकनीकें हैं। ये सूर्य पद्धति, चंद्र पद्धति, मंगल पद्धति, नवमशा-चंद्र पद्धति इत्यादि।
Birth Time in Horoscope: जानिए क्यों जरूरी है सही जन्म समय का पता होना
जन्म समय सुधार का अर्थ है किसी व्यक्ति के जन्म समय में त्रुटि को सुधारना। यह वैदिक ज्योतिष का एक बहुत ही अनूठा तरीका है। एक और तथ्य यह है कि ज्यादातर ज्योतिषी या तो इसके बारे में नहीं जानते हैं या इसके महत्व को नजरअंदाज करते हैं। जन्म समय सुधार की विभिन्न तकनीकें हैं। उदाहरण के लिए यदि कोई व्यक्ति बताता है कि उसका जन्म 24 जनवरी 1975 को हुआ है, जन्म का समय प्रातः 09:30 से 09:45 के बीच तथा जन्म स्थान नई दिल्ली है। अधिकांश ज्योतिषी अपनी सुविधा के लिए इस व्यक्ति के लिए जन्म का औसत समय सुबह 09.35 बजे मान लेगे हैं, जिसका इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। और यही कारम है कि इस शख्स के लिए की गई भविष्यवाणियां सच नहीं होंगी। जन्म समय में एक मिनट की त्रुटि भी विनाशकारी भविष्यवाणियां दे सकती है।
Birth Time in Horoscope: ज्योतिषी ऐसे पता लगात हैं जन्म का सही समय
एक अच्छा ज्योतिषी अपने प्रयासों के माध्यम से जन्म समय का सही-सही पता लगा सकता है। सबसे पहले वह उस व्यक्ति से उसके जीवन से जुड़े सवाल पूछेगा। उसके जीवन में घटी घटनाओं को सिलसिलेवार बताने को कहेगा। इन घटनाओं में सटीक दिनांक और समय नहीं हो सकता है, लेकिन जितनी संभव हो सके तिथियों, महीनों या वर्ष को नोट करेगा। इन घटनाओं के ज्योतिषी चार्ट बनेंगे। जैसे-जैसे ये चार्ट बनते जाएंगे, ज्योतिषी के लिए जन्म समय का पता लगाना उतना आसान हो जाएगा। एक सक्षम ज्योतिषाचार्य 100% सही जन्म समय बता सकता है।