• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • दिवाली पूजन 2026
  • होम
  • धर्म
  • कहते हैं

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 02, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

देवभूमि पर है यह गांव जहां नहीं होती हनुमानजी की पूजा

आर्युवेद जड़ी बूटियां ले जाने पर यहां के गांव वालों को हानि उठानी पड़ी।

By Edited By:
Publish Date: Wed, 02 Dec 2015 05:05:32 PM (IST)Updated Date: Fri, 04 Dec 2015 05:00:00 AM (IST)
देवभूमि पर है यह गांव जहां नहीं होती हनुमानजी की पूजा

परंपराएं सदियों से चली आ रही हैं और इन्हें भगवान ने नहीं मनुष्य ने ही बनाया है। ये परंपराएं पौराणिक कथाओं से भी संबंधित हो सकती है, या किसी और कारण से भी। ऐसी ही एक परंपरा है द्रोणागिरी गांव में जहां पवनपुत्र हनुमानजी की पूजा नहीं की जाती है। देवभूमि उत्तराखंड का यह गांव इस बात के लिए देश भर में विख्यात है।

यहां हनुमानजी की पूजा ही नहीं उनका लाल रंग का झंडा लगाना भी प्रतिबंधित है। द्रोणागिरी गांव समुद्र तल से 14000 की ऊंचाई पर स्थित है। यह चमोली जिले में जोशीमठ के रास्ते में आता है। लेकिन इस गांव के लोग हनुमानजी के साथ ऐसा क्यों करते हैं? इसके पीछे एक पौराणिक कथा का उल्लेख मिलता है।


पढ़ें: भगवान श्रीगणेश की पुत्री हैं संतोषी माता

दरअसल जब राम और रावण का युद्ध चल रहा था। तब उसम समय रावण के पुत्र मेघनाद ने लक्ष्मण जी पर शक्ति बाण से प्रहार किया। लक्ष्मण जी मूर्छित हो गए। तब वैद्य सुषेण के कहने पर हनुमानजी संजीवनी बूटी लेने हिमालय पहुंचे। तब उन्हें संजीवनी बूटी द्रोणागिरी पर्वत पर मिली।

पढ़ें: शाकाहार बनाम मांसाहार! किसने क्या कहा?

हनुमानजी संजीवनी जड़ीबूटी को पहचान न सके, इसीलिए वो द्रोणागिरी पर्वत का एक हिस्सा ले आए। आर्युवेद जड़ी बूटियां ले जाने पर यहां के गांव वालों को हानि उठानी पड़ी। यही कारण है कि इस गांव के लोगों ने आज-तक हनुमानजी को माफ नहीं किया और वो उनकी पूजा नहीं करते। यह परंपरा त्रेतायुग से चली आ रही है।

एक क्लिक पर पढ़ें मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की लेटेस्ट खबरें। Hindi News पढ़ें। MP News, Chhattisgarh news, आज का राशिफल और आज का मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पढ़ें।