धनिष्ठा नक्षत्र
इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातक लोभी एवं क्रोधी होते हैं तथा क्रोध के कारण इन्हें धन हानि का सामना करना पड़ता है।
By Shailendra Kumar
Edited By: Shailendra Kumar
Publish Date: Wed, 10 May 2023 10:18:24 PM (IST)
Updated Date: Wed, 10 May 2023 10:18:24 PM (IST)
Dhanishta Nakshatra: राशिचक्र के 27 नक्षत्रों में से धनिष्ठा 23वें स्थान पर आता है। यह नक्षत्र चार तारों से मिलकर बना हुआ है। इसकी आकृति मंडल या मृदंग के समान दिखाई देती है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, धनिष्ठा नक्षत्र का स्वामी मंगल और देवता वसु हैं। धनिष्ठा नक्षत्र के पहले दो चरण से उत्पन्न जातक की जन्म राशि मकर होती है और अंतिम दो चरण में जन्म होने पर कुंभ राशि। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति पर शनि और मंगल का विशेष प्रभाव पड़ता है। नक्षत्र का अर्थ है सबसे धनवान।
जातकों की विशेषता
इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति काफी संपन्न होते हैं और परोपकार के काम में काफी धन खर्च करते हैं। ये संगीत प्रेमी तथा जनहितैषी व पालक होते हैं। ये धनवान, साहसी, शक्तिशाली होते हैं। ये प्रत्येक कार्य को जल्दबाजी में निपटाते हैं। इनमें स्वाभिमान बहुत होता है तथा साहस असीम होता है। ये लेखन और प्रकाशन कार्य में पूर्ण समर्थ होते हैं। स्त्री जातक गृह प्रबन्ध में पूर्ण कुशल होती हैं। ये धैर्यशील और पति को प्रिय होती हैं।