
हरिद्वार। सावन के महीने में शिवभक्तों की कांवड़ यात्रा शुरू हो गई है। इस बीच गोल्डन बाबा भी अपनी 25वीं कांवड़ यात्रा पर निकल पड़े हैं। वह सोने के 20 किलो के गहने पहनकर यह यात्रा कर रहे हैं, जिनकी कीमत करीब 6 करोड़ रुपए है। हर साल उनके सोने के आभूषणों की मात्रा बढ़ती जाती है।
साल 2016 में वह 12 किलो गहनों को पहनकर निकले थे, वहीं बीते साल वह 14.5 किलो सोने पहनकर निकले थे और इस साल उनके आभूषणों की मात्रा 20 किलो हो चुकी है। लिहाजा, उनकी सुरक्षा को लेकर सरकार कोई कसर नहीं छोड़ती है। इस बार बाबा की सुरक्षा के लिए 25 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
गोल्डन बाबा उत्तराखंड के हरिद्वार से कांवड़ यात्रा शुरू कर रहे हैं और इस बार वह यात्रा की सिल्वर जुबली मना रहे हैं। यात्रा के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ तस्वीरें भी खिंचवाई हैं। बाबा का असली नाम सुधीर कुमार माकड़ है।
उनकी जूलरी में सोने के और कीमती पत्थरों से जड़े आभूषण हैं। हाथों में कीमती अंगूठियां हैं। वह हीरों से जड़ी हुई एक खास घड़ी पहनते हैं, जिसकी कीमत 27 लाख रुपए बताई जाती है। वह सोने की 21 चेन और देवी-देवताओं के 21 लॉकेट पहनते हैं।

उनके साथ लक्जरी कारों का काफिला भी चलता है। उनके पास एक बीएमडब्ल्यू कार भी है। इसके अलावा तीन फॉर्च्यूनर कारें, दो आउडी, दो इनोवा कारें भी हैं।

इसके अलावा कई मौकों पर बाबा हमर, जगुआर और लैंड रोवर जैसी कारें किराये पर लेकर हरिद्वार जा चुके हैं। गोल्डन बाबा कहते हैं कि सोने और कारों के लिए प्यार कभी खत्म नहीं हुआ। मुझे याद है कि यह 1972-73 में जब सोने की कीमत 200 रुपये प्रति तोला थी, तब मैंने सोने के जेवर पहनना शुरू किया था।
गोल्डन बाबा ने बताया कि उस समय मेरे पास लगभग चार तोला सोना था। धीरे-धीरे, सोने में वृद्धि होती गई। मैं मरते दम तक इन्हें अपने साथ रखूंगा और जब मैं दुनिया छोड़कर जाऊंगा, तो मेरे पसंदीदा शिष्यों को यह सब सौंप दूंगा।
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