धर्म डेस्क, इंदौर। भारतीय ज्योतिष शास्त्र में देव गुरु बृहस्पति को सबसे ज्यादा प्रभावशाली ग्रह माना गया है। देव गुरु बृहस्पति जब भी एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं तो इसका प्रभाव सभी राशि के जातकों पर होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, 1 मई 2024, बुधवार को दोपहर 2:29 बजे बृहस्पति वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। पंडित चंद्रशेखर मलतारे के मुताबिक, वृषभ राशि में गोचर के दो दिन बाद बृहस्पति देव वृषभ राशि में अस्त हो जाएंगे और इसके बाद 9 अक्टूबर 2024 से बृहस्पति की वक्री गति शुरू हो जाएगी। ऐसे में इन राशि वालों पर संकट के बादल गहरा सकते हैं।
बृहस्पति देव मिथुन राशि के 12वें भाव में गोचर करेंगे। इससे इस राशि के लोगों को भारी खर्चों का सामना करना पड़ सकता है। अनावश्यक कार्यों में समय बर्बाद होगा। वरिष्ठ अधिकारियों की मंजूरी नहीं मिलेगी।
कन्या राशि के चतुर्थ भाव का स्वामी बृहस्पति नवम भाव में प्रवेश करेगा। यह गोचर आपके लिए किसी भी दिशा में अच्छे परिणाम नहीं लाएगा। यह आर्थिक लाभ नहीं देगा। कन्या राशि के जातकों के लिए इस अवधि के दौरान नई संपत्ति खरीदने का प्रयास फलदायी नहीं रहेगा।
बृहस्पति देव तुला राशि के आठवें भाव में गोचर करेंगे। 1 मई से तुला राशि के जातकों के जीवन में एक के बाद एक परेशानियां आएंगी। दफ्तर में सहकर्मियों के साथ विवाद हो सकता है। तुला राशि के जातक विभिन्न प्रकार से आर्थिक संकट से प्रभावित रहेंगे।
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