Astrology News: कुछ लोग बिना लहसुन-प्याज का भोजन करना पसंद करते हैं। वहीं, कुछ लहसुन-प्याज के बिना भोजन ही नहीं करते हैं। हालांकि ये सिर्फ स्वाद और पसंद-नपसंद की बात है। लेकिन सनातन धर्म के अनुसार किसी भी व्रत या विशेष पूजा पाठ के बाद भोजन में लहसुन-प्याज का सेवन नहीं करना चाहिए। यदि आप व्रत और पूजा-पाठ का संपूर्ण फल प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको इसका सेवन करने से बचना चाहिए। किसी भी व्रत या पूजा-पाठ के दौरान तामसिक भोजन नहीं किया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि प्याज और लहसुन का संबंध क्रूर ग्रह राहु से होता है। ऐसे में महीने में पांच तिथि ऐसी होती हैं, जब प्याज और लहसुन का सेवन न करके देवताओं की कृपा पाई जा सकती है। आइए जानते हैं।
1.धार्मिक ग्रंथों के अनुसार अमावस्या तिथि पितरों से संबंधित होती है। इस दिन पिंडदान, पितरों के श्राद्ध किए जाते हैं। इस दिन प्याज-लहसुन का सेवन नहीं करना चाहिए।
2. प्रत्येक माह के आखिरी दिन पूर्णिमा तिथि होती है। ऐसे में इस दिन का भी विशेष महत्व माना गया है। इस दिन पूर्णिमा का संबंध चंद्रमा से माना जाता है। ऐसे में इस दिन प्याज-लहसुन खाने से परहेज करना चाहिए।
3. एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है। इस दिन व्रत रखा जाता है। यही कारण है कि इस दिन प्याज और लहसुन बिल्कुल नहीं खाना चाहिए। इस दिन तामसिक भोजन से भी परहेज करें।
4.गणेश चतुर्थी पर्व हर माह में दो बार मनाया जाता है। इस दिन गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन भी भोजन में लहसुन-प्याज का सेवन न करें।
5.हर माह की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है। इस दिन कुछ लोग व्रत भी रखते हैं। ऐसे में इस दिन लहसुन और प्याज का सेवन निषेध होता है।
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