Palmistry: हस्तरेखा शास्त्र और सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार व्यक्ति के शरीर के अंगों की बनावट, हाथ-पैर की रेखाओं, चिन्हों, अंगों पर बने निशान आदि के जरिए बहुत कुछ जाना जा सकता है। इससे व्यक्ति के स्वभाव, व्यवहार के अलावा उसके भविष्य के बारे में भी कई महत्वपूर्ण बातें जानी जा सकती हैं। यहां तक की हाथ की रेखाओं के जरिए व्यक्ति की आर्थिक स्थिति, करियर, विवाह, वैवाहिक जीवन कैसा होगा, सेहत कैसी रहेगी, कितनी आयु रहेगी। सभी को इस बात को जानने की काफी इच्छा रहती है कि वे कितने साल जिएंगे। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि हाथ की रेखाओं को देखकर आयु कैसे जानी जा सकती है।

जीवन रेखा

हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार व्यक्ति के हाथ में जीवन और मृत्यु की रेखा होती है। इससे हम ये पता लगा सकते हैं कि वो कितने साल जिएगा या उसकी आयु कितनी होगी। आयु जानने के लिए जीवन रेखा के अलाना मणिबंध रेखाओं की स्थिति भी काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। कहा जाता है कि मणिबंध रेखाओं से व्यक्ति की आयु के बारे में काफी हद तक जाना जा सकता है।

ऐसे जानें आयु

- मणिबंध रेखाएं हथेली में नीचे की ओर होती हैं। ये रेखाएं कलाई के पास होती है। जो कि आड़ी होती हैं। इनकी संख्या आमतौर पर 1 से 5 तक होती है। हर रेखा को 20 से 25 साल की उम्र का द्योतक माना जाता है।

- यदि किसी व्यक्ति के हाथ में 1 मणिबंध रेखा है तो उसकी आयु 20 से 25 साल होगी। यदि 2 मणिबंध रेखाएं हैं तो जातक की उम्र 45 से 50 साल हो सकती है। यदि 3 मणिबंध रेखाएं हैं तो व्यक्ति करीब 70 साल की उम्र तक जिएगा। वहीं 4 या 5 मणिबंध रेखाएं हों तो इसका मतलब है कि जातक की उम्र 100 साल भी हो सकती है। ऐसे जातक दीर्घायु होते हैं और काफी लंबा जीते हैं।

- यदि मणिबंध रेखाएं स्पष्ट और बिना टूटी हों तो जातक की सेहत अच्छी रहती है। इन रेखाओं का टूटना या हल्का रहना बीमारी की आशंका जताता है। ऐसे जातकों को अपने जीवन में सेहत से जुड़ी कई समस्याएं झेलनी पड़ती हैं।

- यदि आपकी मणिबंध रेखाओं पर द्वीप जैसा शुभ चिन्ह बने तो जातक बहुत सुख-समृद्धि और सम्मान के साथ अपना जीवन जीता है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।'

Posted By: Ekta Sharma

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