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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Premanand Maharaj: ‘भगवान आत्मा को शांति प्रदान करें’ कहने से क्या सच में मिलती है मुक्ति, सुनिए प्रेमानंद महाराज का जवाब

प्रेमानंद महाराज ने अपने प्रवचनों में हिंदू धर्म से जुड़ी मान्यताओं को लेकर कई बातें बताते हैं। एक भक्त के सवाल के जवाब में उन्होंने बताया है कि किसी ...और पढ़ें

By Bharat MandhanyaEdited By: Bharat Mandhanya
Publish Date: Sat, 17 Aug 2024 03:21:02 PM (IST)Updated Date: Sun, 18 Aug 2024 07:00:00 AM (IST)
Premanand Maharaj: ‘भगवान आत्मा को शांति प्रदान करें’ कहने से क्या सच में मिलती है मुक्ति, सुनिए प्रेमानंद महाराज का जवाब
वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक हैं प्रेमानंद महाराज।

HighLights

  1. मृत्‍यु होने के बाद किए जाते हैं अनुष्ठान
  2. तीर्थाटन करने से भी मिलती है मुक्ति
  3. माला फेरने के बाद करना चाहिए प्रार्थना

धर्म डेस्क, इंदौर (Premanand Maharaj)। हिंदू धर्म में मान्यता है कि किसी मृत्यु होने के बाद व्यक्ति को उसके कर्म के अनुसार फल प्राप्त होता है और उसे स्वर्ग अथवा नरक में स्थान मिलता है। सनातन धर्म में माना जाता है कि मृत्यु के बाद मोक्ष प्राप्ति होने से व्यक्ति जन्‍म-मृत्‍यु के बंधन से मुक्त हो जाता है।

हिंदू धर्म में किसी के निधन के बाद उसकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की जाती है और इसके लिए धार्मिक अनुष्ठान भी किए जाते हैं। साथ ही यह भी कहा जाता है कि ‘भगवान आत्मा को शांति प्रदान करें’। लेकिन यह कहने से क्या व्यक्ति की आत्मा को सच में शांति मिलती है, इसका वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक प्रेमानंद महाराज ने जवाब दिया है।


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क्‍या कहते हैं प्रेमानंद महाराज

प्रेमानंद महाराज का कहना है कि भगवान आत्मा को शांति दें कहकर हम सिर्फ भगवान से प्रार्थना करते हैं। लेकिन इतना कहने मात्र से नहीं होगा। उसके लिए भगवान ने साधन बताया है। ये कहकर तो हम सिर्फ सद्भावना प्रकट करते हैं।

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प्रेमानंद महाराज के अनुसार, आत्मा को शांति तभी मिलेगी। यदि हम नाम जप करें और उस व्यक्ति के लिए धर्मानुष्ठान कराएं और उसके लिए भागवत पाठ कराएं। साथ ही तीर्थाटन करें,जिससे उसको शांति प्राप्त हो जाएगी। साथ ही माला फेरने के बाद आत्मा की शांति की कामना करने से भी व्यक्ति को शांति प्राप्त होगी।

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डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।'