यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 15, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
चाणक्य नीति: शिशु की ये 4 बातें मां के गर्भ में तय हो जाती हैं
चाणक्य अपने समय के विद्वान, राजनीतिज्ञ, कूटनीतिज्ञ महापुरुष थे।
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Publish Date: Tue, 15 Dec 2015 05:06:17 PM (IST)Updated Date: Fri, 18 Dec 2015 09:41:20 AM (IST)

चाणक्य अपने समय के विद्वान, राजनीतिज्ञ, कूटनीतिज्ञ महापुरुष थे। इनके बारे में जितना पढ़ा जाए, उतना ही कम है। उन्होंने सामाजिक पहलुओं की विसंगतियों को दूर करने के उपाय बताए हैं। उनके ये विचार तब भी जितने महत्वपूर्ण थे उतने ही आधुनिक युग में भी हैं।
चाणक्य कहते हैं....
- मां के गर्भ में ये 4 बातें पहले ही निश्चित हो जाती हैं। पहली बात- शिशु कितने वर्षों तक जियेगा। दूसरी बात- वह किस काम में प्रवीण होगा और क्या करेगा। तीसरी बात- उसके पास कितनी संपत्ति होगी और चौथी बात- उसकी मृत्यु कब होगी।
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- जिस व्यक्ति के पास धर्म और दया नहीं है उसे दूर करो। जिस गुरू के पास अध्यात्मिक ज्ञान नहीं है उसे दूर करो। जिस पत्नी के चेहरे पर हरदम घृणा है उसे दूर करो। जिन रिश्तेदारों और दोस्तों के पास प्रेम नहीं उन्हें दूर करो।
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- चाणक्य ने ऐसी 6 बातें बताईं हैं जिन पर हमेशा बार-बार गौर करना चाहिए। ये बातें हैं - सही समय, सही मित्र, सही ठिकाना, रुपये कमाने के सही साधन, पैसे खर्चा करने के सही तरीके और आपके उर्जा स्रोत।
- यदि आपका शरीर स्वस्थ्य है और आपके नियंत्रण में है। उसी समय आत्म साक्षात्कार का उपाय कर लेना चाहिए।