द्वापरयुग में लक्ष्मी जी ने लिए थे ये 2 अवतार
द्वापर युग में माता लक्ष्मी जी ने पहले राधा और बाद में रुकमणी के रूप में धरती पर अवतार लिया था।
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Publish Date: Sat, 16 Jan 2016 12:50:55 PM (IST)
Updated Date: Mon, 18 Jan 2016 05:06:24 PM (IST)

क्या भगवान श्रीकृष्ण की पत्नी रुकमणी ही माता लक्ष्मी का अवतार थीं? भले ही यह प्रश्न लोगों के लिए रहस्य हो, लेकिन इस प्रश्न का उत्तर हमारे हिंदू शास्त्रों में उल्लेखित है। श्रीकृष्ण की प्रेमिका के रूप में राधाजी का नाम आता है तो पत्नी के रूप में रुकमणी प्रसिद्ध हैं। द्वापर युग में माता लक्ष्मी जी ने पहले राधा और बाद में रुकमणी के रूप में धरती पर अवतार लिया था।
माता लक्ष्मी क्षीरसागर में अपने पति श्री विष्णु के साथ रहती हैं और अपने अवतार स्वरूप में राधा के रूप में कृष्ण के साथ गोलोक में रहती हैं। महाभारत में लक्ष्मी के 'विष्णुपत्नी लक्ष्मी' एवं 'राज्यलक्ष्मी' दो प्रकार बताए गए हैं।
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ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार भगवान विष्णु का दक्षिण भाग लक्ष्मी का, एवं वाम अंग से ही लक्ष्मी के ही अन्य एक अवतार राधा का जन्म हुआ था। पुराण में लक्ष्मी जी के 8 अवतारों के बारे में विस्तार से जानकारी मिलती है।
लक्ष्मी जी के 8 अवतार
- महालक्ष्मी जो वैकुंठ में निवास करती हैं।
- स्वर्गलक्ष्मी जो स्वर्ग में निवास करती हैं।
- राधा जी गोलोक में निवास करती हैं।
- दक्षिणा जो यज्ञ में निवास करती हैं।
- गृहलक्ष्मी जो गृह में निवास करती हैं।
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- शोभा जो हर वस्तु में निवास करती हैं।
- सुरभि (रुक्मणी) जो गोलोक में निवास करती हैं।
- राजलक्ष्मी (सीता) जी पाताल और भूलोक में निवास करती हैं।