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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 06, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ऐसा मंदिर जहां दी जाती थी काले जादू की शिक्षा

बृहदेश्‍वर मंदिर को सन् 1987 में युनेस्को ने वर्ल्ड हैरिटेज सूची में शामिल किया था।

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Publish Date: Sat, 06 Jun 2015 05:08:31 PM (IST)Updated Date: Tue, 09 Jun 2015 04:01:11 PM (IST)
ऐसा मंदिर जहां दी जाती थी काले जादू की शिक्षा

विश्‍व में ग्रेनाइट पत्थर से बना पहला मंदिर बृहदेश्‍वर मंदिर, तमिलनाडु के तंजौर में है। यह मंदिर प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है। इस मंदिर को सन् 1987 में युनेस्को ने वर्ल्ड हैरिटेज सूची में शामिल किया था।

मंदिर में (वर्तमान में ज्ञात नहीं) सदियों पहले काले जादू की शिक्षा-दीक्षा बड़े स्तर पर दी जाती थी। इस बारे में ग्रेट ब्रिटेनिका विश्वकोश में विस्तार से वर्णन किया गया है।

यह मंदिर ग्यारहवीं सदी के आरम्भ में चोल शासकों ने बनवाया था। यह सदियों से महान वास्तु कला केंद्र रहा है। बृहदेश्‍वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित शैव धर्म के अनुयायियों के लिए पवित्र स्थल है।

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बृहदेश्‍वर मंदिर चोल वास्‍तुकला का शानदार उदाहरण है, जिसका निर्माण महाराजा राजा 'राज' द्वारा कराया गया था। इस मंदिर के चारों ओर सुंदर अक्षरों में नक्‍काशी द्वारा लिखे गए शिला लेखों की एक लंबी श्रृंखला शासक के व्‍यक्तित्‍व की अपार महानता को दर्शाते हैं।

बृहदेश्‍वर मंदिर भगवान शिव को 'राज राजेश्‍वरम उडयार' के नाम से संबोधित करते है। यह मंदिर सद्भाव और समद्धि का प्रतीक है।

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ऐसा कहा जाता है इस मंदिर के शिखर ग्रेनाइट के 80 टन के टुकड़े से बनें हैं यह भव्‍य मंदिर राजा राज चोल के राज्‍य के दौरान 5 वर्ष की अवधि में (1004 ए डी और 1009 ए डी के दौरान) निर्मित किया गया था।