धर्म डेस्क, इंदौर। ज्योतिष शास्त्र में सपनों को भी महत्व दिया जाता है। हर इंसान सोते समय कभी न कभी सपने देखता ही है। इसको लेकर विज्ञान की अपनी अलग अवधारणा है लेकिन, शास्त्र में हर सपने का खास अर्थ और अलग संकेत बताया गया है। शास्त्रों में हर सपने का अलग मतलब समझाया गया है। कुछ सपने अशुभ होते हैं तो कुछ सपनों को देखना अच्छा माना जाता है। ज्योतिषाचार्या साक्षी शर्मा के अनुसार कुछ ऐसे सपनों के बारे में बताते हैं, जिनको देखना बेहद शुभ माना जाता है।
स्वप्न में यदि आप स्वयं को उड़ता हुआ देखते हैं तो यह शुभ माना जाता है। स्वप्न शास्त्र के अनुसार, इसका अर्थ है कि आप जल्द ही तरक्की करने वाले हैं। सपने में उड़ना स्वतंत्रता और मुक्ति का प्रतीक है। यह आपके जागने वाले जीवन में सीमाओं या बाधाओं से मुक्त होने की इच्छा का प्रतिनिधित्व कर सकता है।
आकाश में उड़ना माना जाता है कि आप किसी यात्रा पर जा सकते हैं, जहां आपको ,सफलता मिल सकती है। उड़ना व्यापार में तरक्की का भी संकेत समझा जाता है। अगर आप उड़ते हुए गिरते हैं तो इसका नाकारात्मक प्रभाव माना जाता है कि, आपके काम में अड़चन आ सकती है।
सपने आने के वैज्ञानिकों, मनोविज्ञानियों की कई अवधारणाएं और अलग-अलग तर्क है। सामान्य तौर पर सपने को वैज्ञानिक दिमाग की उपजी कल्पना मानते हैं।
सपने अच्छा महसूस कराने के साथ-साथ ये डरावने भी होते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि आदमी जागते हुए किसी कठिन समस्या से गुजरा रहा है, चाहे वह करियर हो, नई नौकरी हो, ब्रेकअप हो या किसी प्रियजन की मृत्यु हो, तो यह रात में मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकता है। यह भी बुरे सपने का कारण हो सकता है।
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