Vastu Tips: आजकल हर व्यक्ति नए डिजाइन का घर बनवाते हैं और अपने सुविधानुसार कमरों सहित अन्य सभी हिस्सों को बनवाते हैं। लेकिन आपको बता दें घर बनवाते समय सबसे जरूरी बात होती है वास्तुशास्त्र। क्योंकि घर बनाते वक्त अगर वास्तु की सभी बातों का ध्यान रखा जाए तो आप कभी भी किसी भी चीज से परेशान नहीं होंगे। जिनमें सबसे जरुरी है घर में सीढ़ी का सही दिशा में होना।
दरअसल, वास्तु शास्त्र में सीढ़ियों को तरक्की और विकास का सूचक माना गया है। इसलिए जब भी आप अपना नया घर बनवा रहे हों या फिर घर खरीद रहे हैं तो सीढ़ियां वास्तु के अनुसार बनवाएं और अगर आप पहले से बना बुआ घर खरीद रहे हैं तो इसमें भी घबराएं नहीं आप कुछ आसान उपाय करके इन दोषों को दूर कर सकते हैं। तो आइए जानते हैं वास्तु के अनुसार घर की किस दिशा में सीढ़ियां बनवानी चाहिए और किस दिशा में नहीं...
वास्तु शास्त्र के अनुसार दक्षिण, पश्चिम या फिर नैत्रत्य दिशा में सीढ़ियां बनाना अच्छा रहता है, इससे आपकी आर्थिक स्थिति हो या मन को मिलने वाली शांति सभी चीजें सामान्य चलती हैं। लेकिन अगर सीढ़ियां उत्तर, पूर्व, आग्नेय या ईशान कोण में बनती हैं तो यह नुकसानदायक हो सकती हैं।
इतनी होनी चाहिए सीढ़ियां संख्या
सीढ़ियां बनवाते समय इस बात का ध्यान रखें कि सीढ़ियां हमेशा विषम संख्या में होनी चाहिए, जैसे 7, 11, 15, 19 या फिर 21 आदि। घर में विषम संख्या में सीढ़ियां खुशियां बनाए रखती हैं और मकान मालिक के विकास और लोकप्रियता में वृद्धि होती है। आम तौर पर घर में 17 सीढ़ियां शुभ मानी जाती हैं।
सीढ़ियों के वास्तुदोष को दूर करने के उपाय
1. सीढ़ियों का वास्तु सुधारने के लिए मिट्टी के बर्तन में बरसात का जल भरकर उसे मिट्टी के ढक्कन से ढंककर उसे सीढ़ी के नीचे मिट्टी में दबा दें।
2.सीढ़ी के नीचे जूते-चप्पल एवं घर का बेकार सामान बिलकुल ना रखें।
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