भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। वास्तु शास्त्र में कई ऐसे उपाय बताए गए हैं, जो मनुष्य के जीवन में आ रही परेशानियों को दूर कर सुख-समृद्धि का द्वार खोल देते हैं। घर की नकारात्मकता को दूर करने के लिए तांबे का सूर्य ऐसा ही एक वास्तु उपाय माना जाता है। तांबे की प्लेट पर सूर्य की जैसी आकृति बनी होती है, जिसे घर या दफ्तर में लगाना मंगलकारी माना जाता है। कहते हैं कि यदि घर में उचित दिशा और स्थान पर तांबे का सूर्य लगाया जाए तो घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मकता का संचार होता है। आइए जानते हैं कि तांबे का सूरज घर में किस स्थान पर और किस दिशा में रखना या लगाना चाहिए, जिससे घर की सुख-समृद्धि बनी रहे और खुशहाली आए।
घर में यहां लगाएं
- सूर्य का उदय पूर्व दिशा से होता है। वास्तु के हिसाब से तांबे का सूर्य पूर्व दिशा में लगाना श्रेष्ठ माना गया है। यदि आपके घर में पूर्व दिशा की ओर कई रास्ता या खिड़की नहीं है तो तांबे के सूर्य को आप पूर्व दिशा की दीवार पर लगाएं। इससे घर में सुख-समृद्धि का वास होता है, घर के वास्तुदोष भी दूर होते हैं।
- यदि आप तांबे के सूर्य को अपने कामकाज के स्थल की पूर्वी दीवार पर लगाती हैं तो ये कामकाजी जीवन में सफलता दिलाने में मदद करता है।
- वास्तु शास्त्र के अनुसार पूजा घर के ईशान कोण वाली दीवार पर भी तांबे का सूरज लगाना मंगलकारी माना गया है।
-लिविंग रूम में पूर्वी दिशा की ओर तांबे का सूरज लटकाने से माहौल खुशनुमा बना रहता है।
तांबे का सूरज लगाने के लाभ
- जिस तरह सूरज इस दुनिया में नई उजास और ऊर्जा लेकर आता है। उसी तरह तांबे से बने सूर्य के इस प्रतीक को घर में लगाने से जीवन मेंसकारात्मकता का संचार होता है। सूर्य के प्रकाश की तरह आपका प्रभाव चारों ओर फैल जाता है। धन लाभ के साथ-साथ प्रसिद्ध लोगों के साथ मिलना -जुलना बढ़ जाता है।
- तांबे का सूर्च घर में लगाने से सुख-समृद्धि, मान-सम्मान के साथ वैभव भी बढ़ता है।
- तांबे का सूर्य तांबे का सूर्य घर में रहने वाले लोगों के पारस्परिक संबंधों को सुधारने के लिहाज से बहुत अच्छा माना जाता है और यह आपसी सामंजस्य, प्रेम को बढ़ाता है।
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