उज्जैन। देश का एक पंचांग बनाने के लिए चारों शंकराचार्यों को बैठकर निर्णय करना चाहिए। इससे संशय और भ्रांतियां दूर हो सकेंगी। ये विचार शनिवार को अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष-वास्तु महासम्मेलन में ज्योतिष विद्वानों ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि व्रत, त्योहार को लेकर सदैव मत भिन्न्ता और संशय बना रहता है। उज्जैन को कालगणना का केंद्र मानकर पूरे देश का एक पंचांग बनाया जाना चाहिए। ज्योतिषियों का कहना था कि त्योहार पर सरकारी छुट्टियां घोषित होने के पहले ज्योतिषियों से राय ली जाना चाहिए। गंगा दशमी, बसंत पंचमी, निर्जला एकादशी, अधिक मास या पुरुषोत्तम मास, दीवाली, श्रीकृष्णा जन्माष्टमी, राम नवमी आदि तिथियों के बारे में विस्तृत चर्चा कर निर्णय लिए जा सकते हैं। इस मौके पर ज्योतिष मनीषी डॉ. एसएस रावत ने कहा कि देश का पंचांग एक होना चाहिए। तिथियों के लेकर कोई संशय या भ्रांति नहीं होना चाहिए।

मप्र ज्योतिष परिषद अध्यक्ष एवं आचार्य पं. रामचंद्र शर्मा वैदिक ने कहा कि परंपरागत पंचांगकर्ताओं से बातकर व्रत-त्योहारों की स्थिति साफ करना चाहिए। इसके लिए बनारस और उज्जैन के पंचांगकर्ता से आग्रह करना चाहिए। आचार्य अनिल वत्स के अनुसार हमें एक पंचांग का निर्णय लेना पड़ेगा। शंकराचार्यों का भी धर्म बनता है कि वे तिथियों के बारे में एक मत हो। पंचांग में तिथियों का एकमत से निर्णय हो, इसका अनुमोदन ज्योतिष महासम्मेलन में करना चाहिए। पंचांगकर्ता पं. श्यामनारायण व्यास ने कहा कि उज्जैन को कालगणना का केंद्र मानकर पंचांग का निर्माण करना चाहिए। विभिन्न् सत्रों में योगेन्द्र महंत इंदौर, अजय शर्मा मोंगा, आचार्य जगदीश तिवारी जयपुर, डॉ. आचार्य पदम उपाध्याय, डॉ. अशोक भटनागर ग्वालियर, नितीन गोटी मुंबई, जयेश भाई दुबे अहमदाबाद, डॉ. कीर्ति पंजाब, स्वामी ध्यान रहस्य दिल्ली, डॉ. कौशलकिशोर पांडे, डॉ. विनायक पांडे, डॉ. राजेश कुमार नामदेव सहित एक सौ से अधिक विद्वानों ने भागीदारी की।

कमलनाथ की सरकार करेगी पूरे पांच साल, पद और कद भी बढ़ेगा

मप्र में कमलनाथ सरकार पूरे पांच साल करने का दावा ज्योतिषियों ने किया है। उनका कहना है कि कमलनाथ की जन्म कुंडली में ग्रहों की वर्तमान स्थिति ऐसी है जिससे उनका पद और कद भी बढ़ेगा। पं.रामचंद्र शर्मा वैदिक ने कहा कि राहु केंद्र या त्रिकोण में स्थित हो तो राजयोग होता है। कमलनाथ की कुंडली में नवांश में राहु चतुर्थ भाव में इस योग को चरितार्थ कर रहा है।

Posted By: Yogendra Sharma

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