Chanakya Niti: संसार में दो नीतियां हमेशा से चर्चा में रही हैं। पहली चाणक्य नीति और दूसरी विदुर नीति। आज हम आपको आचार्य चाणक्य के नीति शास्त्र से जुड़ी कुछ ऐसी बातें बताने वाले हैं। जो आम आदमी की जिंदगी में काम आने वाली हैं। वैसे तो चाणक्य नीति राजनीतिक कूटनीति के लिए ज्यादा जानी जाती है। लेकिन चाणक्य ने बहुत सी बुनियादी बातों के बारे में बताया है जो आम लोगों के लिए अहमियत रखती हैं। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जीवन में कभी भी इन तीन लोगों की मदद नहीं करनी चाहिए।

चरित्रहीन महिला

आचार्य चाणक्य के नीति शास्त्र के अनुसार यदि आपके जीवन में कोई चरित्रहीन, दुष्ट स्वभाव और दूसरों का अपमान करने वाली महिला से आपका सामना हुआ है तो आपको उससे तुरंत दूरी बना लेना चाहिए। ऐसी महिला की कभी मदद नहीं करनी चाहिए। ये आपकी मदद का गलत इस्तेमाल कर सकती हैं। इसकी मदद करना आगे चलकर महंगा साबित होगा। ऐसी महिला समाज के लिए किसी जहरीले सांप के समान है। ऐसी महिला अपने ये गुण आने वाली संतान को भी देती हैं और आगे चल कर वो भी समाज में इसी रीत को आगे बढ़ाती है। ऐसी महिला को सिर्फ धन से मोह होता है। जो जरुरत के वक्त आपको कभी भी मदद नहीं करेगी।

मूर्ख को उपदेश देने से बचें

आचार्य चाणक्य का नीति शास्त्र कहता है कि किसी भी मूर्ख को उपदेश देने से आपको बचना चाहिए। यदि आप ऐसा करते हैं तो यकीन मानें आप वक्त की बर्बादी कर रहे हैं। मूर्ख आपको कुतर्कों से हराने की कोशिश करेगा। उसके भले के लिए बोले गए आपके एक - एक शब्द को अपने ईगो पर लेगा। आपका दुश्मन बन जाएगा। मूर्ख व्यक्ति से बात करने पर आप मानसिक तनाव भी महसूस करेंगे। यदि फिर भी आप ऐसा करना चाहते हैं तो समझिए आप खुद को दुख देना चाहते हैं।

हमेशा दुखी रहने वाला

आचार्य चाणक्य का नीति शास्त्र कहता है कि यदि आपके जीवन में कोई ऐसा व्यक्ति है जो हमेशा रोता रहता है। हर बात पर भगवान को बुरा-भला कहता है। जो किस्मत के भरोसे पर जीता है। जो चाहकर भी अपने जीवन के सुख को नहीं भोग पाता है। ऐसे व्यक्ति से किसी भी तरह का संबंध नहीं रखना चाहिए। ऐसे लोग अपने पास मौजूद सुख का भी उपभोग नहीं कर पाते है और हमेशा रोते रहते है। बेकार में रोना दूसरे शख्स को भी परेशान करता है। हमेशा विलाप करने वाले लोग, दूसरों की खुशी से ईर्ष्या भी करते हैं और मन ही मन उनके लिए बुरा भाव भी रखते हैं। ऐसे लोगों से हमेशा दूर रहे क्योंकि ये सिर्फ दुखी होने का दिखावा करते हैं बल्कि आपको भी नकारात्मक वातावरण में लेकर जाते हैं।

Posted By: Navodit Saktawat

  • Font Size
  • Close