21 अक्टूबर की सुबह कुंभ राशि में बनेगा 'ग्रहण दोष'! इन 3 राशियों के लिए बेहद खतरनाक हैं अगले कुछ दिन
21 अक्टूबर 2026 की सुबह 7 बजे चंद्रमा कुंभ राशि में गोचर करेंगे, जहां पहले से मौजूद राहु के साथ उनकी युति से 'चंद्र ग्रहण दोष' का निर्माण होगा। ज्योति...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 19 Oct 2026 06:10:57 PM (IST)Updated Date: Mon, 19 Oct 2026 06:10:57 PM (IST)
21 अक्टूबर की सुबह कुंभ राशि में चंद्रमा के गोचर से बनेगा चंद्र-राहु का ग्रहण दोषHighLights
- 21 अक्टूबर की सुबह कुंभ राशि में चंद्रमा के गोचर से बनेगा चंद्र-राहु का ग्रहण दोष
- कर्क, कन्या, मीन राशि को धन हानि और गुप्त शत्रुओं से सावधान रहने की सलाह
- अशुभ प्रभाव से बचने के लिए शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और मंत्रों का करें जप
धर्म डेस्क। वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को मन, माता, भावना और द्रवों का कारक माना जाता है, जबकि राहु को भ्रम, छलावा और अचानक आने वाले संकटों का कारक ग्रह कहा गया है। पंचांगीय गणना के अनुसार, बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 की सुबह 07:00 बजे चंद्रमा कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे।
चूंकि कुंभ राशि में छाया ग्रह राहु पहले से ही विराजमान हैं। इसलिए चंद्रमा और राहु का संयोग (युति) बनते ही ज्योतिषीय 'चंद्र ग्रहण दोष' सक्रिय हो जाएगा। इस अशुभ योग के प्रभाव से राशिचक्र की 3 विशेष राशियों (कर्क, कन्या और मीन) के जातकों को आर्थिक लेन-देन, सेहत और करियर के मोर्चे पर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
आइए जानते हैं इन 3 राशियों पर पड़ने वाला प्रभाव और उनके अचूक ज्योतिषीय उपाय-
इन 3 राशियों के जीवन में आ सकते हैं उतार-चढ़ाव
कर्क राशि (Cancer)
भाव स्थिति: कर्क राशि के स्वामी स्वयं चंद्रमा हैं। यह ग्रहण दोष आपकी राशि से अष्टम भाव (अष्टम त्रिक भाव) में बनेगा, जिसे गुप्त संकटों और अचानक आने वाली बाधाओं का भाव माना जाता है।
सावधानियां:
- गुप्त शत्रुओं और विरोधियों से अत्यधिक सतर्क रहें; वे आपके बने-बनाये काम बिगाड़ने की साजिश रच सकते हैं।
- शेयर बाजार, सट्टेबाजी या जोखिम भरे निवेश से पूरी तरह दूर रहें, वरना बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है।
- करियर या व्यापार से जुड़ा कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय घर के अनुभवी वरिष्ठों की सलाह के बिना न लें।
- अपनी गुप्त बातें और योजनाएं किसी भी बाहरी व्यक्ति से साझा करने से बचें।
अचूक उपाय: तांबे के लोटे से शिवलिंग पर शुद्ध जल और कच्चे दूध का अभिषेक करें।
कन्या राशि (Virgo)
भाव स्थिति: चंद्र-राहु की यह युति कन्या राशि के जातकों के छठे भाव (रोग, ऋण और रिपु भाव) में बनेगी।
सावधानियां:
- विरोधी और प्रतिस्पर्धी कार्यक्षेत्र में सक्रिय हो सकते हैं, इसलिए वाद-विवाद से दूरी बनाएं।
- अवांछित और बेवजह के खर्चों में वृद्धि हो सकती है, जिससे आपका आर्थिक बजट डगमगा सकता है।
- इस दौरान किसी को भी उधार पैसा देने की भूल न करें, धन लंबे समय के लिए अटक या डूब सकता है।
- अपनी और अपने माता-पिता के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें; मौसमी बीमारियों से बचें।
अचूक उपाय: भगवान श्री गणेश के सिद्ध मंत्र "ॐ गं गणपतये नमः" का कम से कम 108 बार जाप करें।
मीन राशि (Pisces)
भाव स्थिति: मीन राशि वालों के लिए यह ग्रहण योग आपकी राशि से द्वादश भाव (12वां भाव - व्यय और हानि का भाव) में निर्मित हो रहा है।
सावधानियां:
- जमापूंजी (Savings) को अनावश्यक कार्यों में खर्च न करें, अन्यथा वित्तीय संकट खड़ा हो सकता है।
- कारोबारियों और व्यापारियों को धन का बड़ा लेन-देन किसी विश्वासपात्र व्यक्ति की मौजूदगी में ही करना चाहिए।
- खान-पान पर नियंत्रण रखें; बाहर का तला-भुना और बासी भोजन करने से पेट संबंधी बीमारियां या इन्फेक्शन हो सकता है।
अचूक उपाय: सोमवार और बुधवार को भगवान शिव के पंचाक्षरी मंत्र "ॐ नमः शिवाय" या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
ग्रहण दोष के प्रभाव को कम करने के सामान्य नियम
- 21 अक्टूबर को प्रातःकाल स्नान के बाद हनुमान जी या भगवान शिव की आराधना करें।
- जरूरतमंदों या सफाईकर्मियों को सफेद वस्तुएं (जैसे- चावल, दूध, चीनी) या तिल/काले कपड़ों का दान करें।
- मानसिक तनाव से बचने के लिए दिनभर शांत रहकर प्राणायाम और ध्यान (Meditation) करें।