खड़ी मुद्रा वाली मूर्ति लाते ही रूक जाती है बरकत? धनतेरस पर माता लक्ष्मी की मूर्ति खरीदते समय न करें ये चूक
अयोध्या के पंडित कल्कि राम के मुताबिक धनतेरस पर लक्ष्मी की बैठी मुद्रा वाली, कमल आसन की प्रतिमा खरीदना शुभ माना जाता है। सोना-चांदी न खरीद पाएं तो 16 पीली कौड़ियां या गोमती चक्र लाएं। यह धार्मिक मान्यता है।
Publish Date: Mon, 02 Nov 2026 08:46:14 PM (IST)Updated Date: Mon, 02 Nov 2026 08:46:14 PM (IST)
धनतेरस पर कमल के आसन पर विराजमान मां लक्ष्मी की प्रतिमा।HighLights
- कमल पर बैठी लक्ष्मी प्रतिमा लें
- सोना-चांदी न हो तो कौड़ी
- 13 दीपक के साथ कौड़ी का उपाय
धर्म डेस्क। सनातन परंपरा में कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी यानी धनतेरस का दिन धन-वैभव, आरोग्य और सौभाग्य की वृद्धि का सबसे पावन अवसर माना जाता है। इस दिन आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि, विघ्नहर्ता श्री गणेश और धन की अधिष्ठात्री माता लक्ष्मी की आराधना के साथ-साथ सोना-चांदी, बर्तन और नए मांगलिक सामानों की खरीदारी की परंपरा है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, धनतेरस के दिन माता लक्ष्मी की प्रतिमा और पूजन सामग्री खरीदते समय कुछ विशेष नियमों का ध्यान रखना अनिवार्य है। सही स्वरूप की प्रतिमा और पारंपरिक उपाय घर में सुख-समृद्धि का स्थायी वास सुनिश्चित करते हैं।
आइए जानते हैं धनतेरस पर लक्ष्मी प्रतिमा चयन के शास्त्रीय नियम और कौड़ी-गोमती चक्र से जुड़े सरल उपाय-
1माता लक्ष्मी की मूर्ति खरीदते समय ध्यान रखने योग्य बातें
- बैठी हुई मुद्रा की प्रतिमा चुनें: गृहस्थ जीवन और घर में स्थापित करने के लिए माता लक्ष्मी की बैठी हुई (कमल पर विराजमान) मुद्रा वाली प्रतिमा ही सर्वोत्तम मानी जाती है। खड़ी मुद्रा वाली लक्ष्मी चंचलता और प्रस्थान का प्रतीक मानी जाती हैं, जबकि बैठी हुई प्रतिमा धन के स्थायी वास का संकेत देती है।
कमल का आसन: प्रतिमा का चयन करते समय ध्यान दें कि माता लक्ष्मी का आसन कमल का पुष्प हो। उल्लू पर सवार प्रतिमा के स्थान पर कमल पुष्प पर विराजित सौम्य स्वरूप वाली प्रतिमा घर में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।
सौम्य और आशीर्वाद देती मुद्रा: माता का मुख प्रसन्नचित्त और हाथ वरद/अभय मुद्रा में हों, जो सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते प्रतीत हों। सोना-चांदी न खरीद पाने पर लाएं पीली कौड़ी और गोमती चक्र
यदि आर्थिक कारणों से सोना या चांदी खरीदना संभव न हो, तो निराश होने की आवश्यकता नहीं है। पंडित कल्कि राम के अनुसार, शास्त्रों में कौड़ी और गोमती चक्र को मां लक्ष्मी का साक्षात स्वरूप और समुद्र मंथन से उत्पन्न दिव्य प्रतीक माना गया है।
धनतेरस के दिन बाजार से कम से कम 16 पीली कौड़ियां खरीदकर घर लाएं। यह धन आकर्षित करने का बेहद मंगलकारी साधन मानी जाती हैं। साथ ही इस दिन 11 या 16 गोमती चक्र खरीदना शुभ होता है। खरीदते समय यह भलीभांति जांच लें कि चक्र कहीं से भी टूटा, चटका या खंडित न हो।
कौड़ी और 13 दीपकों का अचूक उपाय
धनतेरस की शाम को घर में सुख-समृद्धि और बरकत बनाए रखने के लिए 13 दीपकों और कौड़ियों से जुड़ा यह विशेष विधान अवश्य करें-
- शाम के समय शुद्ध गाय के घी के 13 दीपक तैयार करें। जब आप आंगन और प्रमुख स्थानों पर दीपक रखें, तो पहले 10 दीपकों में एक-एक पीली कौड़ी डाल दें।
- इसके बाद शेष बची 3 कौड़ियों को एक साफ लाल सूती वस्त्र पर रखकर माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र के समक्ष स्थापित करें।
- इन कौड़ियों पर हल्दी और कुमकुम का तिलक लगाएं, अक्षत अर्पित करें और पास में एक शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित करें।
- आसन बिछाकर बैठें और माता लक्ष्मी के प्रिय मंत्रों (जैसे 'ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः' अथवा 'श्रीं ह्रीं श्रीं') का श्रद्धापूर्वक जाप करें।