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Dussehra 2026: दशहरे पर शमी के पेड़ की पूजा होती है, यह सेहत और खूबसूरती के लिए कैसे फायदेमंद है?

शमी के पेड़ के फायदे: आप्टा के पत्तों की तरह, दशहरे के दिन शमी के पत्तों की भी पूजा की जाती है। जानें शमी का पेड़ सेहत और खूबसूरती के लिए कैसे फायदेमं...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Tue, 20 Oct 2026 07:24:01 PM (IST)Updated Date: Tue, 20 Oct 2026 07:25:36 PM (IST)
Dussehra 2026: दशहरे पर शमी के पेड़ की पूजा होती है, यह सेहत और खूबसूरती के लिए कैसे फायदेमंद है?
शमी के वृक्ष की खासियत।

HighLights

  1. शमी के पत्तों की पूजा करने से देवी लक्ष्मी की कृपा मिलती है।
  2. दशहरे पर इस पेड़ का अधिक धार्मिक महत्व माना गया है।
  3. बल्कि आयुर्वेद में भी इसके अलग-अलग हिस्सों का ज़िक्र है।

धर्म डेस्‍क। बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के तौर पर दशहरा बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस साल दशहरा 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन आप्टा के पत्तों की तरह शमी के पेड़ की पूजा करने का रिवाज है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दशहरे के दिन शमी के पत्तों की पूजा करने से देवी लक्ष्मी की कृपा मिलती है। इस पेड़ का सिर्फ धार्मिक महत्व ही नहीं है, बल्कि आयुर्वेद में भी इसके अलग-अलग हिस्सों का ज़िक्र है।

शमी के पेड़ का पारंपरिक रूप से कुछ स्किन और सेहत से जुड़ी समस्याओं के लिए दवा के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। जानें शमी का पेड़ सेहत और खूबसूरती के लिए कैसे फायदेमंद है।

स्किन की समस्याओं के लिए – पारंपरिक इलाज में, शमी की लकड़ी का इस्तेमाल फोड़े-फुंसियों जैसी स्किन की समस्याओं के लिए किया जाता है। अगर आपकी स्किन पर फोड़े-फुंसी हैं, तो शमी की लकड़ी को रगड़ने से ऐसी समस्याओं से जल्दी आराम मिलता है।


आंखों की समस्याओं के लिए – तांबे के बर्तन में घी, जौ और शमी के पत्तों को बारीक पीस लें। इसे सुखाकर आंखों में लगाने से आंखों का दर्द ठीक हो जाता है।

– कोलेस्ट्रॉल के लिए – शमी के पत्तों की कुछ चीज़ों में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए गए हैं। ये खून में लिपिड की मात्रा को कंट्रोल करते हैं। ये खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करते हैं और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं।

डायरिया की समस्याओं के लिए – पारंपरिक इलाज में शमी के पत्ते, काली मिर्च और शहद का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया जाता है। शमी के पत्तों को धोकर काली मिर्च और शहद के साथ खाने से डायरिया की समस्याओं से आराम मिलता है।

अगर आपको खुजली हो रही है – एक पारंपरिक इलाज है शमी के पत्तों और दही को मिलाकर लगाना। दही और शमी के पत्तों का पेस्ट बनाकर खुजली वाली जगह पर लगाने से आराम मिल सकता है।

यूरिनरी समस्याओं के लिए – अगर पेशाब करते समय जलन हो रही है, तो शमी के पत्तों का इस्तेमाल करने के कुछ पारंपरिक इलाज बताए गए हैं। शमी के पत्तों को पीसकर उसमें पानी मिलाकर गर्म कर लें। अब इसे नाभि पर लगाएं। इससे यूरिन रोकने की समस्या कम करने में मदद मिलेगी।

शरीर की गर्मी के लिए – शमी के पत्तों का रस, पानी, जीरा और चीनी को एक साथ लेना एक पारंपरिक उपाय बताया जाता है। शमी के पत्तों का रस निकालकर उसे पानी, जीरा और चीनी के साथ मिलाकर पीने से आराम मिलता है।