साल 2026 का पहला शुक्रवार... पूरे साल धन की आवक बनाए रखने के लिए करें ये 5 महाउपाय
नए साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है और साल का पहला शुक्रवार 2 जनवरी को पड़ रहा है। ज्योतिष शास्त्र में शुक्रवार का दिन धन और वैभव की देवी मां लक्ष्मी को ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 01 Jan 2026 05:41:35 PM (IST)Updated Date: Thu, 01 Jan 2026 05:41:35 PM (IST)
साल 2026 का पहला शुक्रवारधर्म डेस्क। नए साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है और साल का पहला शुक्रवार 2 जनवरी को पड़ रहा है। ज्योतिष शास्त्र में शुक्रवार का दिन धन और वैभव की देवी मां लक्ष्मी को समर्पित है। मान्यता है कि साल के पहले शुक्रवार को किए गए विशेष उपाय पूरे वर्ष सुख-समृद्धि और आर्थिक संपन्नता सुनिश्चित करते हैं।
यहां मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए 5 प्रभावी महाउपाय दिए गए हैं...
मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के 5 अचूक उपाय (Shukrawar Remedies)
- कमल पुष्प और सफेद मिठाई का अर्पण: मां लक्ष्मी को कमल का फूल अत्यंत प्रिय है। शुक्रवार को उन्हें मिश्री-माखन या खीर का भोग लगाने और कमल का फूल चढ़ाने से शुक्र ग्रह मजबूत होता है और सुख-शांति आती है।
मुख्य द्वार पर दीप दान: शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर गाय के घी का दीपक जलाएं। दीपक में थोड़ी केसर या इलायची डालने से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और लक्ष्मी जी का आगमन होता है।
श्रीयंत्र का पूजन: श्रीयंत्र को साक्षात लक्ष्मी का रूप माना जाता है। साल के पहले शुक्रवार को श्रीयंत्र का दूध और गंगाजल से अभिषेक करने पर घर से दरिद्रता दूर होती है।
कनकधारा स्तोत्र का पाठ: धन संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए कनकधारा स्तोत्र का पाठ करना या सुनना अत्यंत प्रभावशाली माना गया है।
कन्या पूजन और दान: 7 या 11 छोटी कन्याओं को देवी का रूप मानकर उन्हें सफेद मिठाई खिलाएं। उनके आशीर्वाद से घर में धन की आवक बढ़ती है। इन बातों का रखें विशेष ध्यान (Na Karen Ye Kaam)
- उधार लेन-देन से बचें: शुक्रवार के दिन किसी को भी धन उधार न दें, ऐसा माना जाता है कि इससे अपनी लक्ष्मी दूसरे के पास चली जाती है।
- सम्मान करें: किसी भी महिला, कन्या या बुजुर्ग का अपमान न करें।
- स्वच्छता का महत्व: लक्ष्मी जी स्वच्छ स्थान पर ही वास करती हैं, इसलिए शाम के समय घर में झाड़ू न लगाएं।
विशेष पूजा मंत्र
पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप करें: "ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः॥"
अस्वीकरण- इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। नईदुनिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। नईदुनिया अंधविश्वास के खिलाफ है।