
डिजिटल डेस्क, इंदौर। साल 2025 में चार बड़े ग्रह राशि परिवर्तन कर रहे हैं। इसमें सबसे पहले आज शनि का गोचर मीन राशि में हो रहा है। इसके बाद 14 मई को गुरु का गोचर मिथुन में और 18 मई को राहु एवं केतु का गोचर कुंभ और सिंह में होगा। ज्योतिषी पंडित गणेश शर्मा के अनुसार बड़े ग्रहों के परिवर्तन से देश और दुनिया में कुछ बड़ा होने वाला है।
30 मार्च से हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2082 की शुरुआत हो रही है। इसका असर देश पर दिखेगा, भारत की कुंडली में मंगल का प्रभाव रहेगा। मंगल दूसरे घर में बैठा है। इस दौरान भारत की कुंडली के तीसरे भाव में पांच ग्रहों का गोचर होगा।
ज्योतिषी पंडित गणेश शर्मा के अनुसार 29 मार्च 2025 को जब शनि ग्रह कुंभ से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे, तब देश और दुनिया में हम बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। मीन राशि और 12वां भाव गुरु का है। यहां से शनि लग्न को, पंचम को और अष्टम भाव को देखेंगे।

इसके चलते देश के चरित्र, रिश्ते, संतान, शिक्षा, सेहत और विदेश से भारत के संबंधों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इससे भारत के अंदर आपसी सौहार्द, शांति और समृद्धि का संतुलन गड़बड़ा सकता है।
अकाल, युद्ध, दंगे, विस्फोट, भूचाल, महामारी और प्राकृतिक आपदाओं से भी परेशानी आएगी। बड़ी तादाद में जन और धन हानि होने की आशंका है, तकनीक और सैन्य क्षेत्र में उन्नति होगी।
राहु ग्रह कुंभ राशि में गोचर करके कर्म भाव में विराजमान होगा। इस गोचर के चलते भारत तकनीक के क्षेत्र में पहले की अपेक्षा ज्यादा तेजी से आगे बढ़ेगा। अंतरिक्ष क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां मिलने की संभावना है।
इसी के साथ ही देश का सैन्य क्षेत्र में विस्तार होगा और आने वाले समय में भारत की सेना बहुत शक्तिशाली हो जाएगी। हालांकि केतु के कारण घरेलू उद्योग में मंदी देखी जा सकती है। कोरोना वायरस की तरह किसी नई महामारी के आने की आशंका भी है।

शेयर मार्केट में बड़े पैमाने पर उतार-चढ़ाव होगा। शेयर मार्केट में नुकसान की आशंका है। गुरु के कारण गोल्ड यानी सोने के भाव में बहुत ज्यादा तेजी देखी जा सकती है। यह 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार जा सकता है।
केंद्र सरकार को कुछ राज्यों में बड़े विवाद और जन आंदोलन के कारण पूरे वर्ष परेशान रहना पड़ सकता है। कुछ देशों के साथ टकराव भी सकता है। इसके साथ ही सरकार देशहित में कोई बड़ा फैसला भी ले सकती है।
राष्ट्रवाद की भावना में होगी बढ़ोतरी
ज्योतिषी पंडित गणेश शर्मा के अनुसार देश में राष्ट्रवाद की भावना भी प्रबल होगी। लोग अपने हितों को छोड़कर एकजुट होकर देश के लिए काम करने की इच्छा से बाहर निकल सकते हैं। इसी दौरान वे लोग भी ज्यादा सक्रिय होंगे, जिनका एजेंडा छद्म रूप से देश को तोड़ने का है।
हालांकि इससे बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ने वाला है कि कौन देश विरोधी है। मार्च तक शनिदेव दंड नायक के रूप में काम करेंगे और इसके बाद बृहस्पति देश की आंतरिक स्थिति को संभालने का कार्य करेंगे। बाद में उन लोगों के बुरे हाल होंगे जिन्होंने देश के खिलाफ काम किया है।